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आठ प्राइवेट डॉक्टरों को नोटिस जारी

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नगर पालिका भवन - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। नगर पालिका से जारी हुए मानचित्र के विपरीत शहर में सैकड़ों लोगों ने मकान का निर्माण करा लिया है। नियम को दरकिनार कर आवासीय मकान में व्यवसायिक प्रतिष्ठान चलाया जा रहा है। शहर के ऐसे 16 प्राइवेट डॉक्टरों की सूची तैयार की गई है। इसमें आठ डॉक्टरों को नगर पालिका ने बुधवार को नोटिस जारी किया।
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नगर पालिका प्रशासन के जिम्मेदारों की लापरवाही से मानचित्र से वितरित अधिकांश लोगों ने मकान का निर्माण कराया है। आय दिन इसकी शिकायत नगर पालिका प्रशासन के पास पहुंच रहा रहा है। भाजपा नेता राधेश्याम शुक्ल ने शिकायत किया है कि नगर पालिका से अधिकांश प्राइवेट डॉक्टर एक मंजिल मकान का मानचित्र पास कराए हैं। लेकिन दो मंजिल मकान का निर्माण कराकर नर्सिंगहोम और दवा की दुकान चला रहे हैं। कई ऐसे शहर में प्रभावशाली लोगों ने गलत तरीके से मकान का निर्माण कराया है कि चाह कर भी नगर पालिका प्रशासन कार्रवाई या जुर्माना नहीं वसूल पा रहा है। एसडीएम राकेश सिंह ने नगर पालिका जेई ने नगर पालिका प्रशासन को जारी किए गए मानचित्र से अलग हटकर निर्माण कराने वालों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। नगर पालिका के जेई राकेश कुमार ने बताया कि जांच में शिकायत सही मिली है। डॉक्टरों को नोटिस जारी किया गया है।

इनको जारी हुआ नोटिस
नगर पालिका ने डॉ. एचसी अरोरा, डॉक्टर्स स्कैनर्स, डॉ. दिव्या त्रिपाठी, डॉ. जेएन पांडेय, वरेश नागरथ, डॉ. चंद्रभान मिश्र, शमशुल आजम, डॉ. अवधेश सिंह को मानचित्र से अलग हटकर निर्माण कराने की नोटिस जारी किया है। अभी आठ डॉक्टरों की मानचित्र और मकान निर्माण की जांच चल रही है।
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नगर पालिका परिषद के जेई को मानचित्र के विपरीत भवन निर्माण कराने वालों की जांच का आदेश दिया गया है। उनकी ओर से आवासीय भवन में व्यवसायिक प्रतिष्ठान चलाने वाले चिकित्सकों की जांच कराकर नोटिस भेजी गई है। उन लोगों पर जुर्माना लगाया जाएगा और नक्शे में संशोधन और विकास टैक्स की वसूली होगी।
राकेश सिंह, एसडीएम सदर



तीन माह में जारी होता है मानचित्र
जमीन अगर विवादित नहीं हो और जरूरी कागजात मिल जाएं तो तीन माह में मकान निर्माण का मानचित्र बन सकता है। मानचित्र जारी करने से पहले मौके पर जाकर नगर पालिका कर्मचारी जांच करते हैं। नगर पालिका प्रशासन ने मानचित्र के विपरीत निर्माण कराने और सामान्य मकान में व्यवसाय करने वालों से 2017-18 में 20 लाख जुर्माना वसूला गया है। मार्च माह में 1.50 लाख जुर्माना वसूला गया है।

एसडीएम तय करते है जुर्माना
नगर पालिका प्रशासन मानचित्र जारी करने के बाद सुस्त हो जाता है। इसकी शिकायत मिलने पर जांच शुरू करता है और मकान मालिक को नोटिस भेजते हैं। मकान मालिक के जवाब मिलने के बाद जेई, ईओ, एई इसकी जांच रिपोर्ट पर एसडीएम जुर्माना की धनराशि तय करते हैं।

500 रुपये प्रतिदिन है जुर्माना
नगर पालिका के जेई ने बताया कि मानचित्र के विपरीत जिस मकान का निर्माण हुआ है और जांच में सही मिला है। उससे मकान निर्माण होने के दिन 500 रुपये प्रत्येक दिन के हिसाब से वसूला जाता है। अधिकतम जुर्माना पांच लाख वसूला जा चुका है।
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