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दलितों पर अत्याचार नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे

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शहर के सिविल लाइंस रोड पर माले कार्यकर्ताओ ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। महाराष्ट्र के भीमा कोरे गांव में दलितों पर हमले की चिंगारी यहां तक पहुंच गई है। शुक्रवार को भाकपा माले ने प्रदर्शन किया। दलितों पर अत्याचार नहीं सहेंगे, नहीं सहेंगे के नारे लगाए। वक्ताओं ने भगवा हमले की न्यायिक जांच की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। कहा कि साजिश के तहत दलितों पर हमले हो रहे हैं। जब से केंद्र और कई प्रदेशों में भाजपा की सरकार बनी है दलितों को निशाना बनाया जा रहा है।
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पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं की जुटान ऐपवा कार्यालय पर हुई। यहां से विरोध मार्च निकाला। सिविल लाइंस, मालवीय रोड होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। इस दौरान सरकार विरोध नारेबाजी की गई। ऐपवा कार्यालय पर हुई सभा में भाकपा माले के जिला सचिव रामकिशोर वर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सामाजिक वर्चस्व के लिए सहारनपुर, ऊना, भीमा कोरे गांव में सुनियोजित तरीके से हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा एकतरफ डॉ. भीमराव अंबेडकर का राग अलापा रहे हैं। दूसरी तरफ हिंदूवादी संगठन दलितों पर हमला कर रहे हैं। ऐपवा की जिलाध्यक्ष गीता पांडेय ने कहा कि दलितों का हितैषी बनने का भाजपा ढोंग कर रही है। दलितों पर अत्याचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डॉ. चतुरानन ओझा ने कहा कि भाजपा सरकार तानाशाही पर उतार आई है। 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा को जनता सबक सिखाने के लिए तैयार है। प्रेमलता पांडेय ने कहा कि भीमा कोरे गांव में दलितों पर हुए हमले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। हमलावरों की गिरफ्तारी हो। लल्लन राय ने कहा कि भाजपा एक तरफ दलितों के हितैषी होने का ढोंग करती है तो दूसरी तरफ हमला करवा रही है। इस दौरान गायत्री देवी, सुमन गोड़, सविता सिंह, शोभा, अरविंद गिरी, अंजली आदि मौजूद रहीं।
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