देवरिया। मासूमों के मौत के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। विभिन्न दलों और संगठनों ने घटना के प्रति जवाबदेही तय करने की मांग की। कहा कि सरकार ऐसे लोगों को चिह्नित करें और उनको फांसी की सजा दिलाएं। उसके बाद ही पीड़ित परिवार को राहत मिलेगी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुयश मणि त्रिपाठी ने कहा कि मासूमों की मौत के बारे में सरकार जवाब दे। स्वास्थ्य मंत्री की लापरवाही सामने दिख रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ का संसदीय क्षेत्र है। वह इंसेफेलाइटिस से मौत के मसले को संसद और संसद के बाहर आवाज उठाते रहे हैं। ऐसे में नैतिकता मान इस्तीफा दे देना चाहिए। अखिल भारतीय हिंदू महासभा की न्यू कॉलोनी में बैठक हुई। जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि उच्चस्तरीय जांच कराई जाए ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। इस दौरान अजीत सिंह, राजू दुबे, विनोद सिंह, सौरभ यादव आदि रहे। अधिवक्ताओं की बैठक नेहरू नगर में हुई। सुभाष चंद्र राव ने कहा कि मासूमों की मौत के कई लोग जिम्मेदार है। ऐसे लोगों को फांसी की सजा तय की जाए। इस दौरान चंद्रशेखर सिंह, पुरुषोत्तम गोयल, अनिल सिंह, राधेश्याम पाठक, विनय श्रीवास्तव आदि रहे। बसपा के मंडल कोऑर्डिनेटर जहीरूल बारी ने कहा कि कार्रवाई के बजाएं बयानबाजी में जुटे हैं। इसके चलते संवेदनहीनता सामने आ गई है। सपा नेता खालिद अहमद ने कहा कि भाजपा सरकार की असलियत सामने आ गई है।
परिवारों को मिले मुआवजा
हियुवा कार्यकर्ताओं ने बैठक कर मृत बच्चों की दी श्रद्धांजलि
अमर उजाला ब्यूरो
बरहज। मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याओं से गरीब परिवार के 30 से अधिक बच्चों की मौत पर गहरा दुख प्रकट करते हुए हियुवा कार्यकर्ताओं ने बैठक कर मुख्यमंत्री से जिम्मेदारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने के साथ परिजनों को मुुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने मासूमों की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर श्रद्धांजलि दी। बैठक को संबोधित करते हुए अजय प्रताप सिंह ने कहा कि जिम्मेदारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होने के साथ मासूमों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। हियुवा जिला मंत्री जितेंद्र भारत ने कहा कि बीआरडी मेडिकल मेें हुई बच्चों की मौत दुखद है। मुख्यमंत्री योगी जी की ली गई समीक्षा बैठक में कॉलेज प्रशासन इस समस्या से अवगत कराया होता तो जरूर कोई न कोई हल निकल गया होता। मेडिकल कॉलेज की चिकित्सकीय व्यवस्था और इंसेफेलाइटिस की समस्या को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करने वाले एकल नेता योगी आदित्यनाथ हैं। इस दौरान चिंतामणि साहनी, सच्चिदानन्द मल्ल, नेहरु निषाद, अनूप मिश्र, राजेश यादव, अंतदेव चौहान, रजनीश पाण्डेय, रिंकू शुक्ल आदि उपस्थित रहे।
मासूमों की मौत पर स्वास्थ्य मंत्री इस्तिफा दें
सलेमपुर। आदर्श व्यवस्था पार्टी ने मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत पर दु:ख जताते हुए शोक व्यक्त किया है। लापरवाह स्टाफ और डॉक्टरों पर कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य मंत्री से त्याग पत्र की मांग किया है। आदर्श व्यवस्था पार्टी की बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष राम प्रताप सिंह की अध्यक्षता में रविवार को पार्टी कार्यालय पर हुई। इसमें बोलते हुए राम प्रताप सिंह ने कहा कि जिम्मेदारों के फंड व पेंशन की रकम से मासूमों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। वहीं आक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया जाए। इस दौरान राकेश पाण्डेय, राधेश्याम पाण्डेय, सूबेदार, विनोद कुमार शुक्ल आदि मौजूद रहे।
कैंडल मार्च निकाल दी श्रद्धांजलि
लार और मझौलीराज में निकाला कैंडल मार्च
प्रदेश सरकार को सपा नेताओें ने बताया दोषी
फोटो समाचार
अमर उजाला ब्यूरो
सलेमपुर/ मेहरौनाघाट। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन के अभाव में हुई बच्चों की मौत से लोग आहत है। लार नगर में सपा के महिला नेेता विजय लक्ष्मी गौतम के नेतृत्व में सपा नेताओं ने कैंडल मार्च निकाला। इसके अलावा सलेमपुर में पहल सेवा संस्थान और मझौलीराज नगर में भी लोगों ने कैंडल मार्च निकाला।
सपा के महिला नेता कहा कि गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन के अभाव में मासूमों की मौत प्रदेश सरकार की लापरवाही है। इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है। प्रदेश सरकार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। सीएम योगी आदित्यनाथ घटना के दो दिन पूर्व मेडिकल कॉलेज का जायजा लिए। बावजूद इसके आक्सीजन की किल्लत की जानकारी नहीं हुई। यह सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। इस दौरान चन्द्रप्रकाश सिंह, रामेश्वर सिंह, विशाल गुप्ता, सुनील कुशवाहा, महफूज लारी, रामनरायण यादव, अशोक चौधरी, रमेश सिंह, अजीत सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं मझौलीराज नगर में राजू खान के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाला गया। सलेमपुर नगर के पहल सेवा संस्थान की ओर से अमन मिश्रा के नेतृत्व में कैंडल मार्च युवाओं ने निकाला। इस दौरान प्रतीक, गुडलक, विनय तिवारी आदि मौजूद रहे।