देवरिया। शहीद विजय के परिवार से 28 मिनट की मुलाकात में सीएम योगी आदित्यनाथ भावुक दिखे। तीन बार शहीद की बेटी आराध्या के सिर पर हाथ फेरते हुए पुचकारा। बुजुर्ग पिता रामायण मौर्य से बोले, बेटे को खोने का कष्ट स्वाभाविक है। देश के लिए बलिदान देने वाले विजय के सौभाग्यशाली पिता हैं आप। शहादत के इस गौरवशाली क्षण को स्मृति के रूप में संजोकर अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने की जरूरत है। सीएम के सामने गमजदा शहीद की पत्नी विजयलक्ष्मी की खामोश ही रहीं।।
शहीद के परिवार से किए गए वादे के तहत सीएम सोमवार को छपिया जयदेव पहुंचे। कड़ी सुरक्षा के बीच वह 10.32 बजे घर के अंदर दाखिल हुए। सीएम को देख विजयलक्ष्मी रोने लगीं। सीएम शहीद की डेढ़ वर्षीय बेटी अराध्या को दुलारते हुए कुर्सी पर बैठ गए। पिता रामायण मौर्य ने कहा, ‘साहब मैं 72 का हो गया हूं। देश, सरकार और आम लोगों की ओर से जो सम्मान मिल रहा है, उससे खुद को मजबूत महसूस कर रहा हूं। तीन वर्ष पूर्व जब बेटा आतंकी हमले में बाल-बाल बचा था तो मैंने कहा था कि नौकरी छोड़कर घर आ जाओ। तब विजय ने कहा था, पिता जी आप चिंता मत करिए, आप का मान रखूंगा।’ यह कहते हुए वह फफक कर रो पड़े। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ सख्ती बरती जाए। सीएम ने जवानों की शहादत का बदला लेने का भरोसा दिलाते हुए कहा कि आपके परिवार के साथ सरकार और पूरे देश की भावनाएं लगी है। उन्होंने कहा कि मौत तो सभी की होनी है, लेकिन मातृभूमि के लिए कोई बलिदान हो इससे गर्व की बात क्या हो सकती है। बेटी अराध्या को सीएम ने पुचकारा और एक बार गोद में लेने की कोशिश भी की। उससे बोले, छोटी इधर आओ, पढ़ने जाती हो। रामायण बोले साहब अभी छोटी है, लेकिन विजय के जैसी यह भी निडर है, डरती नहीं है।
विजय के नाम बने स्टेडियम
रामायण मौर्य ने सीएम से कहा कि गांव में विजय के नाम से स्टेडियम का बनवाया जाए। इलाके के युवक जिस स्टेडियम में तैयारी करते हैं, उससे विजय का काफी लगाव था। मेरा इकलौता सहारा विजय था। बड़े बेटे अशोक और विधवा बहू को योग्यता के अनुसार नौकरी मिल जाए, तो मेरा भी जीवन कट जाए।
धैर्य के साथ सरकार को समर्थन दें : योगी
शहीद के घरवालों से मिलकर बाहर आए सीएम ने मीडिया से वार्ता की। कहा कि देश के इन वीर जवानों का बलिदान को व्यर्थ नहीं जाएगा। दहशतगर्दों को कड़ा सबक सिखाया जाएगा। जो भी इस साजिश का हिस्सा होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। केंद्र सरकार इसके लिए काम कर रही है। देश धैर्य के साथ सरकार को समर्थन दे। उन्होंने कहा कि शहीद की स्मृतियों को जीवंत बनाने के लिए गांव के पहुंच मार्ग, स्मारक व अन्य कार्यों के लिए निर्देश दिए गए हैं।
सांसद व विधायक ने भाई की नौकरी के लिए की पहल
सलेमपुर सांसद और रामपुर कारखाना विधायक ने शहीद परिवार के एक-एक सदस्यों से परिचय कराया। उन्होंने भाई अशोक के लिए स्थानीय स्तर पर नौकरी या रोजगार की व्यवस्था करने की मांग की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों के अलावा शहीद विजय के दोस्त राजेश मौर्य, सुरेश कुशवाहा, जीतेंद्र कुशवाहा, विजय कुमार, शैलेंद्र मौर्य, भूपेंद्र कुशवाहा, बलवंत, अमित मौजूद रहे।
धूल से भरा हाल
शहीद के घर के अंदर हाल में सीएम से घरवालों की मुलाकात कराने की व्यवस्था की गई थी। जब सीएम का हेलीकाप्टर उतरा तो पूरा कमरा धूल से भर गया। उस कमरे में लगे खिड़कियों में फाटक नहीं थे। आनन-फानन में कुर्सियों को दुबारा सुरक्षाकर्मियों ने साफ किया।