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चारागाह से कब्जा नहीं खाली करा रहा राजस्व टीम

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चारागाह से कब्जा नहीं हटा, फिर होने लगी खेती
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100 एकड़ से अधिक चारागाह पर दबंगों ने बोया गेहूं
पीठाधीश्वर ने राजस्व टीम की भूमिका पर उठाया सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। देवरहा बाबा आश्रम की चारागाह से कब्जा खाली कराने में राजस्व विभाग हीलाहवाली कर रहा है। अब भी 100 एकड़ से अधिक चारागाह पर दबंगों ने गेहूं की बुआई कर रखी है। पीठाधीश्वर ने राजस्व टीम की भूमिका पर सवाल खड़ा किया है।
डीएम की सख्ती के बावजूद देवरहा बाबा आश्रम के चारागाह पर मईल गांव के दबंगों का कब्जा बरकरार है। निर्देशों को दरकिनार कर अतिक्रमणकारी गेहूं की सिंचाई में जुटे हैं। कुछ दिन पूर्व मौके पर गए डीएम ने चारागाह से कब्जा खाली होने का दावा किया था। राजस्वकर्मियों ने नदी के किनारे खाली चारागाह की जमीन का कुछ हिस्सा दिखाया था, जबकि चारागाह की जमीन 500 एकड़ से अधिक है। आज भी 100 एकड़ से अधिक भूमि पर दबंगों का कब्जा है। प्रशासन की रोक के बावजूद दबंगों ने गेहूं की बुआई की और अब सिंचाई कर रहे हैं। राजस्व विभाग की लापरवाही के कारण चारागाह की जमीन से पूरी तरह कब्जा खाली नहीं हो पा रहा है। पीठाधीश्वर श्यामसुंदर दास ने राजस्व टीम पर दबंगों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लाखों रुपये का गेहूं चारागाह की जमीन से दबंग पैदा करते हैं। इसमें राजस्व विभाग के कर्मचारी भी हिस्सा लेते हैं। डीएम अमित किशोर ने बताया कि चारागाह से पट्टा सभी का खारिज हो चुका है। अगर राजस्व विभाग के कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। चारागाह पर जो भी फसल बोई गई है, उसे जोतवाने के निर्देश बरहज एसडीएम को दिए गए हैं।
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तीन पर केस दर्ज करा लेखपाल ने की खानापूरी
देवरिया। राजस्व कर्मियों को जब मालूम हुआ कि डीएम आश्रम पर आएंगे तो आनन-फानन मईल गांव के प्रधान पति समेत तीन अन्य के खिलाफ लेखपाल ने केस दर्ज कराया। डीएम को राजस्व कर्मियों ने बताया कि अन्य कब्जेधारियों को चिह्नित कर केस दर्ज कराया जाएगा, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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रास्ते के लिए जमीन नहीं दे रहे काश्तकार
देवरिया। चारागाह तक सड़क बनवाने के लिए आसपास के किसानों से बरहज तहसील प्रशासन ने वार्ता की। इसको लेकर मईल चौराहे पर किसानों की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन कोई किसान रास्ते के लिए जमीन देने को राजी नहीं हुआ।
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