देवरिया। लोकसभा चुनाव के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। गुरुवार को डीएम ने चुनाव कार्यालय, नामांकन और मतगणना स्थल का निरीक्षण किया। बैरिकेडिंग, स्ट्रांग रूम और विधानसभा क्षेत्रवार बनने वाले गणना काउंटर के बारे में जानकारी ली। चुनाव कार्य को निर्विघ्न और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए मातहतों को जरूरी दिशा निर्देश दिए। सभी कार्यों को पूरी सजगता के साथ पूरा करने की हिदायत भी दी।
डीएम दोपहर 12 बजे सबसे पहले चुनाव कार्यालय पहुंचे। यहां स्टोर रूम में रखे गए ईवीएम की सुरक्षा के बारे में जानकारी ली। बाहर पुराने भवनों का मलबा रखे जाने और साफ-सफाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। तत्काल इसे दुरुस्त करने को कहा। सुरक्षाकर्मियों को ईवीएम कक्ष पर कड़ी निगरानी रखने की हिदायत देते हुए कहा कि बिना अनुमति किसी को कक्ष के आसपास न आने दें। इसके बाद वह कलेक्ट्रेट स्थित अपने न्यायालय कक्ष में पहुंचे। देवरिया सदर सीट के लिए नामांकन यहीं होना है। नामांकन के लिए उन्होंने न्यायालय कक्ष के सामने बैरियर लगाने को कहा। नामांकन स्थल पर प्रवेश व निकासी के रूट की जानकारी ली।
अग्रसेन इंटर कॉलेज में होगी मतगणना
इसके बाद डीएम महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज पहुंचे। सातों विधानसभा क्षेत्र के लिए स्ट्रांग रूम और मतगणना के लिए पूरे स्थल का भ्रमण किया। मतगणना स्थल पर मतदान कार्मिकों, सुरक्षा बलों व राजनीतिक दलों के एजेंटों के लिए प्रवेश व निकासी के अलग-अलग रूट तय करने का निर्देश दिया। पत्रकारों से वार्ता में डीएम अमित किशोर ने कहा कि देवरिया सदर का नामांकन कलेक्ट्रेट में होगा, जबकि सलेमपुर के लिए नामांकन प्रक्रिया बलिया जिले में होगी। सभी सातों विधानसभा क्षेत्रों के वोट यहीं गिने जाएंगे। उन्होंने बताया कि मतदान के बाद मतपेटियों को कड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। मतगणना स्थल पर आने वाले कर्मचारियों व राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के वाहनों की पार्किंग राजकीय इंटर कॉलेज व पुलिस लाइन में कराई जाएगी। निरीक्षण के दौरान एसपी किरीट राठोड, सीडीओ शिवशरणप्पा जीएन, एडीएम राकेश पटेल, उमेश कुमार मंगला, सीआरओ रामसहाय यादव, एएसपी शिष्यपाल, एसडीएम सदर दिनेश मिश्र, सीओ सिटी वरुण मिश्र आदि मौजूद रहे।
झंडा-स्टीकर लगे घूम रहे वाहनों पर कार्रवाई शून्य
लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में 10 मार्च से आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है। प्रशासन ने बैनर-पोस्टर हटवाकर जिम्मेदारियों की इतिश्री कर ली है। शहर समेत पूरे जिले में झंडा-स्टीकर लगे वाहन धड़ल्ले से घूम रहे हैं। इन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। आयोग के निर्देशानुसार आचार संहिता लागू होने के बाद सिर्फ उन्हीं वाहनों पर ही झंडा-स्टीकर लगाया जा सकता है, जिसके लिए प्रशासन से अनुमति ली गई हो। इससे इतर जिले में आदर्श आचार संहिता का मखौल उड़ रहा है। इस बाबत एडीएम उमेश कुमार मंगला का कहना था कि सभी एसडीएम-सीओ को वाहनों की चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अभी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है।