- सलेमपुर के दुबौलिया गांव का है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले पति को बुधवार को जिला जज ने पांच साल के कैद की सजा सुनाई। उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसमें से आधी रकम मृतका की सात वर्षीय पुत्री को दी जाएगी।
अभियोजन के अनुसार सलेमपुर थानाक्षेत्र के दुबौलिया गांव निवासी गोविंद मद्धेशिया का विवाह छह वर्ष पहले भाटपाररानी के बड़का गांव बरहज निवासी दीनबंधु मद्धेशिया की बेटी नीतू के साथ हुआ था। दहेज के लिए आए दिन नीतू के ससुरालियों की ओर से प्रताड़ित किया जाता था। नीतू ने यह बात मायकेवालों को बताई थी। 15 मार्च 2013 की आधी रात को नीतू ने घर में आग लगाकर जान दे दी। नीतू के पिता दीनबंधु ने सलेमपुर कोतवाली में पति गोविंद, सास मालती, जेठ मनोज, जेठानी ममता और ससुर प्रेमचंद्र के विरूद्ध केस दर्ज कराया था। मुकदमे के दौरान ससुर प्रेमचंद्र की मौत हो गई। साक्ष्य के अभाव में सास, जेठ-जेठानी बरी हो गए। पति गोविंद को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी पाते हुए जिला जज राधेश्याम यादव ने बुधवार को पांच वर्ष की कैद और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाया।