देवरिया। गौरीबाजार के हरहंगपुर गांव में घोठे पर सो रहे पिता-पुत्र की हत्या का पर्दाफाश हो गया है। संपत्ति को लेकर दूसरे नंबर के बेटे महेंद्र ने पिता और भाई को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद वह छत्तीसगढ़ भाग गया।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक राजीव मल्होत्रा ने कहा कि गौरीबाजार के हरहंगपुर के भोला पटेल के चार बेटे गोविंद, महेंद्र, लल्लन और रामसूचित हैं। 27 जुलाई की रात को भोला और तीसरे नंबर का बेटा लल्लन घोठे पर सो रहे थे। रात के किसी समय दोनों की हत्या कर दी गई थी। 28 जुलाई को इस बात की जानकारी हुई। सूचना के बाद एसपी, सीओ सिटी, सीओ रुद्रपुर, एसओ गौरीबाजार समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। सभी ने घटनास्थल का मुआयना कर हत्यारों की तलाश शुरू कर दी। छोटे बेटे रामसूचित की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। पुलिस हत्यारों की खोज में लगी थी। दूसरे नंबर के बेटे के मोबाइल पर फोन करने पर पता चला कि वह छत्तीसगढ़ के कोरबा से 25 जुलाई से ही गायब है। इस पर पुलिस का शक गहरा गया। गांव के तमाम लोगों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया, लेकिन कोई खास जानकारी नहीं मिली। अंतत: पुलिस महेंद्र की खोज में लग गई। इसी बीच वह वाराणसी में साढ़ूू के घर आ गया। वहां से पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। महेंद्र ने कहा कि पिता ने दो भाई को संपत्ति दे दी थी। शेष संपत्ति भी बेचना चाह रहे थे। उसने बताया कि वह ट्रेन से आया और रात नौ बजे घोठे पर पहुंचा। दरवाजा खटखटाया तो भाई लल्लन ने दरवाजा खोला। पहले उसे मारकर मौत के घाट उतार दिया। फिर पिता को भी मार दिया। रात में ही वह फिर ट्रेन से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गया। खून से सना कपड़ा वह बैग में रखकर लेते गया और रास्ते में फेंक दिया था। इस दौरान एएसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा, एसओ गौरीबाजार जेपी यादव भी मौजूद रहे।