सुनील कुमार सिंह
देवरिया। रात को महेंद्र गांव आया, सीधे घोठे पर गया, भाई और पिता की हत्या किया। खून लगा कपड़ा बैग में रखकर दूसरा कपड़ा पहन लिया। देवरिया पहुंचकर ट्रेन पकड़ा और वाराणसी चला गया। अपराध की यह पटकथा उसने ‘क्राइम पेट्रोल’ सीरियल देखकर तैयार की थी।
गौरीबाजार के हरहंगपुर में पिता भोला और पुत्र लल्लन की हत्या पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी। चूंकि दोनों के पास मोबाइल नहीं था, इसलिए हत्या का पर्दाफाश करना कठिन हो गया। हो भी क्यों नहीं, जब हत्यारे ने इतनी चालाकी से काम किया था, लेकिन उसे नहीं पता था कि अपराधी कोई न कोई निशान छोड़ ही देता है। आठ दिन बाद पिता-पुत्र की हत्या के रहस्य से पर्दा उठा तो बेटा ही कातिल निकला। महेंद्र का कहना था कि पिता उसे संपत्ति से बेदखल करना चाहते थे। दो भाइयों को उन्होंने जमीन लिख दी थी। बची जमीन बेचना चाह रहे थे। इससे वह काफी परेशान हो गया। उसने पिता के हत्या की योजना बनाई। इसके लिए टीवी पर ‘क्राइम पेट्रोल’ सीरियल देखता था। सीरियल देखकर उसने इस घटना को अंजाम दिया। उसी रात वह छत्तीसगढ़ के लिए लौट गया, लेकिन वहां न जाकर वाराणसी में साढ़ूू के घर रुक गया था। अब वह सलाखों के पीछे है।