परिषदीय शिक्षकों के अवकाश के 587 आवेदन लंबित
सबसे ज्यादा बैतालपुर ब्लॉक के 76 आवेदन, जिम्मेदार स्वीकार करने में कर रहे लापरवाही
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन अवकाश स्वीकृत कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। अधिकतर ब्लॉकों के खंड शिक्षाधिकारी व प्रधानाध्यापक के स्तर से ही इन आवेदनों को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में यह मनमानी अवकाश चाहने वालों पर भारी पड़ रही है। यह स्थिति तब है जब दो दिनों पहले ही शासन स्तर से बरहज व तरकुलवा के बीईओ पर भी ऐसे ही आरोप लगे थे और जांच के बाद इन्हें निलंबित कर दिया गया है।
जनपद के परिषदीय शिक्षकों के अवकाश के ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करने में अधिकारी सुस्त बने हुए हैं। 16 ब्लॉक मिलाकर 19 सितंबर तक मानव संपदा पोर्टल पर अवकाश के कुल 587 आवेदन लंबित दिख रहे हैं। इसमें सबसे अधिक आवेदन बैतालपुर में 76 हैं। जनपद के कई बीईओ कार्यालय स्तर से ही शिक्षकों के अवकाश को आवेदन को लेकर अनियमितता की शिकायतें मिलती रहती हैं। इसमें महिला शिक्षकों को प्रसूतावकाश देने में भी कार्यालय के कर्मचारियों की ओर से हीलाहवाली किए जाने की शिकायतें शिक्षक संगठनों की ओर से उच्चाधिकारियों को की गई हैं।
उधर, बीईओ सदर विजयपाल नारायण त्रिपाठी ने बताया कि मानव संपदा पोर्टल पर उनके स्तर से आए आवेदनों का निस्तारण शीघ्रता से कराया जाता है। जो भी देरी हो रही है, वह प्रधानाध्यापक स्तर से हो रही है।
19 सितंबर तक इन बीईओ कार्यालयों में इतने आवेदनों को मंजूरी का इंतजार
रामपुर कारखाना में 50, पथरदेवा 38, तरकुलवा में 34, देसही देवरिया 20, बैतालपुर 76, गौरीबाजार 34, रुद्रपुर 34, बरहज 22, भलुअनी 30, सलेमपुर 58, भागलपुर 35, देवरिया सदर 31, भाटपाररानी 28, बनकटा 36, भटनी 23, लार एक।
उत्पीड़न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ करेंगे आंदोलन
जूनियर शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष हेमा त्रिपाठी ने बताया कि अवकाश लेना शिक्षकों का अधिकार है। किसी शिक्षक को परेशान किया गया तो बीईओ के खिलाफ संगठन आवाज उठाएगा। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भारती व मंत्री विजय कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि अवकाश स्वीकृत करने में बीईओ कार्यालय की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। संगठन इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।
कोट
ज्यादातर आवेदन प्रधानाध्यापक स्तर पर ही लंबित हैं। अधिकतर जगहों पर कई प्रधानाध्यापक स्मार्टफोन नहीं चला पाते और वहीं के किसी शिक्षक की मदद लेते हैं। विद्यालय के शिक्षक पहले इन्हीं के पास ऑनलाइन आवेदन करते हैं, प्रधानाध्यापक स्तर से बीईओ को आता है। पोर्टल सुबह नौ बजे से रात 11 बजे तक ही खुला रहता है। इस संबंध में उच्चाधिकारी स्तर से भी लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है।
-नवनीत चौबे, प्रभारी बीएसए