नाव से भदिला पहुंचे डीएम, जानीं समस्याएं
चौपाल लगाई, टापू बने गांव के लिए नाव बढ़ाने के निर्देश, कहा-व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। क्षेत्र के राप्ती नदी से घिरा भदलिा प्रथम गांव टापू बना हुआ है। मंगलवार को डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और एसपी संकल्प शर्मा अधिकारियों के साथ गांव पहुंच कर लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने गांव के लोगों की आवाजाही के लिए नाव बढ़ाने के साथ समुचित व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं करने की हिदायत दी।
दोपहर बाद सवा दो बजे नियत कार्यक्रम के तहत डीएम और एसपी लाव-लश्कर के साथ कपरवार के रास्ते भदिला प्रथम गांव जाने के लिए राप्ती नदी तट पर पहुंचे। गांव में आला अधिकारी पहले से पहुंचे हुए थे। नदी तट पर कुछ कर्मचारियों को पाकर जिलाधिकारी तल्ख हो गए। उन्होंने सभी को फटकार लगाते हुए चौपाल में पहुंचने को कहा। चौपाल में गांव के विजय निषाद, सुमित्रा देवी, कविता देवी, कबूतरी देवी, भीम निषाद, दिव्यांशु यादव, राज यादव आदि ने वृद्धा, दिव्यांग आदि पेंशनों, राशन कार्ड, बारिश के मौसम में गांव में होने वाली समस्याओं से अवगत कराया।
पूर्व प्रधान रणजीत यादव ने 25-30 मीटर पक्के पुल निर्माण की मांग की। डीएम ने समस्याओं से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। जबकि एसपी ने ग्रामीणों से पुलिसिंग व्यवस्था के बारे में लोगों से जानकारी ली। डीएम ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए 12 नाव की व्यवस्था, टीकाकरण आदि के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम गजेंद्र सिंह, सीओ पंचम लाल, नायब तहसीलदार जितेंद्र सिंह, पशुधन प्रसार अधिकारी अशोक पांडेय, डॉ. कंचन लता, एसओ जयशंकर मिश्र, मुकेश मिश्र, प्रधान विंध्यवासिनी देवी आदि मौजूद रहीं।
इंसेट में-
ग्रामीणों ने की कर्मचारियों की शिकायत
कपरवार। राप्ती नदी से घिरे भदिला प्रथम गांव पहुंचे डीएम-एसपी को देख लोगों का हुजूम उमड़ गया। लोगों ने अधिकारियों से कुछ कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत की। इसे अधिकारियों ने गंभीरता से लिया।
इंसेट में-
काले बादल देख सहमे अधिकारी
कपरवार। भदिला प्रथम गांव में राप्ती नदी में आई बाढ़ के पानी से चारों ओर से घिरा है। इससे लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को लाव-लश्कर के साथ डीएम और एसपी भदिला प्रथम गांव पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो साधारण नाव पर बैठे अधिकारी बीच मझधार में आसमान में काले बादल देख कुछ क्षण के लिए सहम गए। डीएम कुछ पल के लिए एक टक आसमान की ओर निहारते रह गए। हालांकि, कार्यक्रम के बाद नाव में बैठने से पूर्व बारिश शुरू हो गई, जिससे कुछ क्षण के लिए अधिकारियों को एक मकान में शरण लेनी पड़ी।
फोटो
सरयू लाल निशान से 80 सेमी ऊपर
भागलपुर में एक सेमी प्रति घंटे की रफ़्तार से हो रही वृद्धि
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। नेपाल के बैराज से सात क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण सरयू नदी के जलस्तर में लगातार दूसरे दिन भी जलस्तर में बढ़त जारी रही। नदी के किनारे के गांवों के बाशिंदों के होश उड़ गए हैं।
रविवार रात से तेजी से हो रही बढ़ोत्तरी मंगलवार को भी जारी रही और नदी खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर पहुंच गई है। सरयू नदी में महीनों से उतार-चढ़ाव जारी था। तटवर्तीय लोगों ने मान लिया था कि सितंबर माह में बाढ़ नहीं आएगी लेकिन पहाड़ों और मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर हुई बारिश की वजह और नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण नदी में तेजी से बढ़ोत्तरी होने लगी है। अब नदी का पानी आवासीय इलाकों की ओर घुसने लगा है। इससे लोगों को अपनी फसल बचाने की चिंता सताने लगी है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर मंगलवार दोपहर दो बजे 65 मी 10 सेमी पर पहुंच गया है। जो खतरा के निशान 64 मी 30 सेमी से 80 सेमी ऊपर है। अगले 24 घंटे नदी में बढ़ोत्तरी जारी रहेगी क्योंकि आगे एल्गिन ब्रिज बाराबंकी में सरयू नदी में बढ़ोत्तरी हो रही है।
नायब तहसीलदार बरहज जितेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ क्षेत्र के लिए प्रशासन तैयारी में जुटा है। बाढ़ राहत चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। तहसील कर्मचारियों को बाढ़ राहत चौकियों पर मौजूद रहने को कहा गया है।
देवरहा बाबा आश्रम पानी से घिरा
सरयू नदी के जलस्तर में हो रहे बढ़ाव से देवरहा बाबा आश्रम जाने वाली सड़क पर एक फीट ऊपर पानी बहने लगा है। इससे आश्रम पर आने-जाने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। आश्रम भी चारों तरफ से पानी से घिर गया है। आश्रम के पीठाधीश्वर श्याम सुंदर दास महाराज ने बताया कि प्रशासन की तरफ से आज तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है और न हीं आश्रम की गायों के चारे का व्यवस्था प्रशासन द्वारा किया गया है। बाढ़ का पानी आश्रम में घुसने लगा है।
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छोटी गंडक नदी नदावर में खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर
सलेमपुर। बारिश के चलते छोटी गंडक नदी का पानी बढ़ने लगा है। नदी एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ते हुए खतरे के निशान से 25 सेमी ऊपर पहुंच गई है। केंद्रीय जल आयोग के नदावर स्थित कार्यालय के मुताबिक नदावर में खतरे का निशान 64.500 है। इस समय छोटी गंडक नदी 64.750 पर बह रही है। खतरे का निशान पार करने के बाद नदी के तटवर्ती गांव के लोग की चिंताएं बढ़ गई हैं। मझौलीराज, कस्बा सलेमपुंर, औरंगाबाद, नवलपुर, निजामाबाद, डोलछपरा, नादघाट, पयासी, बनकटा दीक्षित, बनकटा मिश्र आदि गांव के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। संवाद
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बरहज में खतरे के निशान से एक मीटर 20 सेमी ऊपर
परसियां-विशुनपुर देवार में बाढ़ के पानी से घिरे हैं 11 टोले
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी के अचानक करवट लेने से करीब 10 दिन से नदी के जलस्तर में तेजी दर्ज की गई है। मंगलवार को नदी खतरे के निशान 66.50 से एक मीटर 20 सेमी ऊपर बह रही थी। इससे ग्रामीण बाढ़ जैसी आशंका को लेकर सहमे हुए हैं।
सरयू नदी तीसरी बार उफान पर है। नदी का जलस्तर इस वर्ष के उच्चतम 67.70 मीटर पर बह रहा है। सरयू में आई बाढ़ के कारण दियारा क्षेत्र के परसियां देवार का दसरसरिया, भरटोला, जबकि विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लिहवा, पुरानी और नई दलित बस्ती, स्कूलहिया, कत्लिहवा, लोहार टोला, चौहान टोला, बांके, जरलहवा, किशुन टोला चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर गया है। वहीं भदिला प्रथम गांव राप्ती नदी से चारों ओर से घिरा होने के कारण टापू बना हुआ है।
नदी पीडब्ल्यूडी के बांध पर भी दबाव बना रही है। बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर प्रशासन अलर्ट पर है। बाढ़ चौकियों पर चौकसी बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में अधिशासी अभियंता अशोक द्विवेदी ने बताया कि जलस्तर में तेजी दर्ज की जा रही है। बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए इंतजाम पूरा कर लिया गया है।