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पलभर में ही छीन गया कई परिवारों का निवाला

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पलभर में ही छिन गया कई परिवारों का निवाला
मुंडेरा खुर्द गांव में दो परिवार में है शादी, अगलगी के बाद अन्न के पड़े लाले
विनय कुमार राय
खुखुंदू। एक दिन पूर्व हुई अगलगी की घटना से पलभर में ही सैकड़ों परिवारों का निवाला छिन गया। शाहपुर, मुंडेरा खुर्द सहित छह गांव के सैकड़ों किसानों के अरमान उनकी आंखों के सामने जल गए। लपटों के आगे किसान बेबस दिखे। घटना में प्रभावित दो ऐसा परिवार ऐसे भी हैं, जिनके घर हाल में ही शादी है। उपज बेचकर धूमधाम से शादी करने की उम्मीदें पल भर में राख हो गई हैं। पूरा परिवार सदमे में है।
मुंडेरा खुर्द गांव निवासी संतकुमार चौहान की माली हालत ठीक नहीं है। तीन वर्ष पूर्व पत्नी की बीमारी से मौत के बाद दो लड़के और दो लड़कियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी कंधों पर है। पांच माह पूर्व संत कुमार ने बड़े लड़के श्यामबदन की शादी तय कर दी। श्यामबदन का रविवार को ही फलदान और तिलकोत्सव कार्यक्रम था। 19 अप्रैल को बरात जाएगी। एक दिन पूर्व शनिवार की शाम को घर पर पूरा परिवार, रिश्तेदार कार्यक्रम की तैयारी में जुटे थे कि अचानक अगलगी की सूचना पर सभी खेत की तरफ भागे। मगर आग की लपटों के आगे वह बेबस रहे। खेत में काटकर रखी फसल राख हो गई। इसी गांव के दीनानाथ चौहान की लड़की मीरा कुमारी की शादी 29 मई को तय है। अगलगी में सारी फसल जल गई। अब धूमधाम से बेटी के हाथ पीले करने के सपने पर ग्रहण लग गया है। गांव के सुरेंद्र चौहान, इंदल चौहान सहित कई अन्य परिवार भी हैं, जिनके घर लड़के-लड़कियों की शादी तय है। उनका कहना है कि एक तो सूखे के चलते धान की खेती बेकार हो गई। अब गेहूं की फसल अच्छी हुई तो वह भी आग की भेंट चढ़ गई। इस घटना में सबसे अधिक नुकसान शाहपुर, सुविखर, मुंडेरा खुर्द, टड़वा में हुआ है।
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पिछले वर्ष दो लाख का गेहूं बिका, इस बार खाने के लाले
खुखुंदू। शनिवार की शाम हुई अगलगी में शाहपुर के एक ही परिवार की तकरीबन तीस एकड़ गेहूं की फसल खेत में ही जल गई। द्वारिका नाथ पांडेय और महेंद्रनाथ पांडेय चचेरे भाई हैं। उन्होंने पिछले वर्ष एक-एक लाख रुपये से अधिक का गेहूं बेचा था। जो बचा था, उसे भी फसल तैयार होते देखकर कुछ दिन पूर्व ही बेच दिया। अगलगी में फसल जलने के बाद अब परिवार को खाने के लिए भी गेहूं खरीदने की नौबत आ गई। बैरौना में मिथलेश्वर पांडेय का छह एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हुई है। भाकियू के जिला उपाध्यक्ष बड़े शाही ने तहसील प्रशासन से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
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