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शबद-कीर्तन के बीच गुरुद्वारे में मनाई गई बैसाखी
निशान साहब की हुई सेवा, सिख संगत ने गुरुओं के मार्ग पर चलने का लिया संकल्प
बोले सो निहाल... सत श्री अकाल के लगे जयकारे, लंगर में लोगों ने छका प्रसाद
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा न्यू कॉलोनी में रविवार को बैसाखी पर्व भक्ति भाव से मनाया गया। गुरु ग्रंथ साहब की हजूरी में शबद-कीर्तन, गुरुमत कथा विचार एवं अरदास के बाद सिख संगत ने जाति-पांत, ऊंच-नीच, छुआछूत व भेदभाव से ऊपर उठाकर मानव सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने और गरीब-मजलूमों की सेवा का संकल्प लिया।
सुबह में सबसे पहले गुरुद्वारे में पांच वाणियों का पाठ हुआ। सुखमनी साहब के पाठ के साथ ही गुरु के निशान की सेवा की गई। शबद-कीर्तन में गगनदीप कौर और सोनिया कौर ने वाह-वाह गोविंद सिंह आपे गुरु चेला..., खालसा मेरो रूप है खास..., जागत ज्योति जपै निसबासुर..., बोले सो निहाल सतश्री अकाल..., सहित अन्य भजनों से सिख संगत को निहाल कर दिया। इस मौके पर ग्रंथी दामोदर सिंह ने कहा कि देश, प्रांत व जातिवाद से ऊपर उठकर सिख संगत के लोग विश्व भर में अपने सेवा कार्यक्रमों के जरिए सिख धर्म को नई पहचान दे रहे हैं। शाम को रहिरास साहब के पाठ व भजन-कीर्तन के बाद आयोजित लंगर में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान सरदार जगजीत सिंह, सतपाल सिंह, जगजीत सिंह होरा, चांदनी कौर, दर्शन कौर, चरनप्रीत कौर, धरती कौर, यशबीर सिंह जस्सी, पम्मी कौर, महेंद्र कौर, सरदार बलवीर सिंह, सीमा कौर, हरजीत सिंह, तारकेश्वर, राजेश मृगवानी, शिवानंद मद्धेशिया, मनमीत कौर, मंदीप कौर, सोनिया कौर, सीमा कौर, सरदार सतनाम सिंह आदि मौजूद रहे।