बधाई गीत पर झूमे जैन अनुयायी
जैन मंदिर में चल रहे अष्टानिका महापर्व का छठवां दिन
अमर उजाला ब्यूरो
खुखुंदू। अष्टानिका महापर्व के छठवें दिन मंगलवार को भगवान का जन्म कल्याणक बड़े धूमधाम से मनाया गया। भगवान के जन्मोत्सव का जैन धर्म के अनुयायियों ने मनोहारी दृश्य प्रस्तुत किया। दर्शकों की भीड़ उमड़ी रही। उत्तराखंड से पहुंचे जैन अनुयायियों ने भगवान को 512 नारियलों से अर्घ्य दिया।
नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ के जन्म कल्याणक पर सौधर्म इंद्र की भूमिका में संयोजक विमल जैन रहे, जबकि भगवान पुष्पदंत नाथ के माता-पिता (महराजा सुग्रीव और रानी जयरामा) की भूमिका में एससी जैन और उनकी पत्नी सुनीता ने निभाई। भगवान के जन्म कल्याणक के बाद सौधर्म इंद्र विमल जैन ने देवताओं के साथ बालक पुष्पदंतनाथ का कैलाश पर्वत पर जलाभिषेक किया। इसके बाद देवताओं ने काकंदी नगरी में कुबेर रत्नों की वर्षा की। भगवान को पालने में रखकर सभी जैन अनुयायियों ने बारी-बारी से पालने में झुलाया। संगीतमय बधाई गीत कलाकारों ने प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इस दौरान जैन अनुयायी झूमते रहे। लोगों में मिठाई बांटी गई। अष्टानिका महापर्व पर चल रहे पूजा के समापन पर गुरुवार की सुबह नगर भ्रमण के लिए भगवान पुष्पदंत नाथ की बाजे गाजे के साथ पालकी यात्रा जैन अनुयायी निकालेंगे। इसके बाद पांडुकशिला पर भगवान का अभिषेक किया जाएगा। सोमवार की रात में साक्षी जैन, दीपिका जैन ने नमोकार की महिमा पर नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से बताया गया कि नमोकार का पाठ करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और दरिद्रता दूर होती है। संयोजक विमल जैन ने बताया कि बुधवार को नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ को 1024 कच्चे नारियलों से अर्घ्य दिया जाएगा।