अभाविप ने पैदल मार्च कर मांगा समर्थन, अनशन जारी
बीआरडी मुद्दे पर चल रहे अनशन को कई दलों ने दिया समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बीआरडी कॉलेज प्रकरण को लेकर बुधवार को भी छात्रों का क्रमिक अनशन सुभाष चौक पर जारी रहा। विभिन्न छात्र संगठनों एवं पूर्व पदाधिकारियों व दलों से जुड़े लोगों ने मौके पर पहुंच इसे समर्थन दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पैदल मार्च कर शहर के विभिन्न वर्गों के लोगों से इस मुद्दे पर सहयोग मांगा। उधर, छात्रों के रुख से यह तय है कि कॉलेज के नाम जमीन वापस होने तक आंदोलन से नहीं हटेंगे।
अनशन के दूसरे दिन सुभाष चौक पर पहुंचे जदयू नेता व पूर्व विधायक सुभाष चंद श्रीवास्तव ने कहा कि जिला प्रशासन ने जमीन लेकर छात्रों के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव संजयदीप कुशवाहा ने कहा कि इस मामले में जिला प्रशासन ने जांच कमेटी बनाई है। यह जनता को गुमराह करने की कार्रवाई है। जिस अधिकारी ने महाविद्यालय की जमीन को खारिज किया, उसे ही जांच कमेटी का सदस्य बनाकर छात्रों के साथ मजाक किया गया है। सयुस के धर्मवीर गुप्ता ने कहा कि कॉलेज की जमीन को हड़पने की किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। सपा के सदर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष व्यास यादव ने कहा कि जिला प्रशासन मामले को उलझाने में लगा है। पूर्व नपाध्यक्ष रामायण राव ने कहा कि मांगे पूरी होने तक वह छात्रों के साथ हैं। सत्येंद्र यादव ने कहा कि कॉलेज की जमीन को छीनकर जिला प्रशासन ने कृषि कॉलेज की मान्यता को खतरे में डाल दिया है। पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम शुक्ला एवं वर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष जयसिंह यादव व महामंत्री रविशंकर नाथ त्रिपाठी ने कहा कि जमीन वापसी तक छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा। अनशन करने वालों में मन्नू तिवारी, अभिषेक यादव, सुशील यादव, प्रिंस, अंगद यादव, भास्कर पांडेय, गोलू तिवारी, जयप्रकाश सिंह, शमशेर अली, आशीष शुक्ला, प्रभात यादव, आदित्य, अनुपम, कमलेश, रोहित त्रिपाठी, साकेत शुक्ला, नीरज आदि शामिल रहे।
अधिवक्ताओं से मांगा समर्थन
बीआरडी कॉलेज की जमीन बचाने की मांग को लेकर अभाविप का पैदल मार्च लगातार दूसरे दिन जारी रहा। सदस्यों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट और दीवानी कचहरी में जाकर अधिवक्ताओं से इस मुद्दे पर सहयोग मांगा। छात्रनेता शिवम पांडेय ने कहा कि यह लड़ाई अब समाज की हो चुकी है। रविशंकर दूबे ने कहा कि शीघ्र ही इस मुद्दे को लेकर पूरे जिले के छात्र एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। मार्च करने वालों में नीलेश, अनूप, आकाश, शालिनी, कविता, अर्चना, प्रियंका, नेहा, अनन्या, प्रीति, माया, दामिनी, नूशरत जहां, जूही, चांदनी आदि शामिल रहीं। उधर, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद्र राव ने कहा कि एसडीएम सदर ने कॉलेज की जमीन को निरस्त कर नए विवाद को जन्म दिया है। सीएम को इस मामले में हस्तक्षेप कर छात्रों का समर्थन करना चाहिए।
प्राचार्य के खिलाफ नोटिस वापस लेने की मांग
समाजवादी युवजन सभा ने बीआरडी पीजी कॉलेज के प्राचार्य के ऊपर दबाव बनाने के लिए जिला प्रशासन की कार्रवाई की निंदा की है। बुधवार को हुई बैठक में जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने कहा कि प्राचार्य को दबाव में लेने के लिए जिला प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी किया है। जनपद के छात्र किसी के दबाव में झुकने वाले नहीं है। छात्रों का आंदोलन जमीन वापसी तक चलता रहेेगा।
भाकपा माले ने भी दिया समर्थन
बीआरडी मामले को लेकर भाकपा माले ने भी छात्रों के रुख का समर्थन किया है। बुधवार को राज्य कमेटी की सदस्य एडवोकेट प्रेमलता पांडेय ने कहा कि जिला प्रशासन ने एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के अस्तित्व में खतरे में डाला है। संगठन भी इस मामले को लेकर अलग से आंदोलन करेगा।
डीएम से मिले भाजपाई, फैसले पर पुनर्विचार की मांग
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अंतर्यामी सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से मुलाकात की। बीआरडी पीजी कॉलेज के प्रकरण में जनहित का हवाला देते हुए फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। उनका कहना था कि बीआरडी कॉलेज जिले की धरोहर है। इसके अस्तित्व पर संकट, जिले की पहचान पर संकट के समान है। लिहाजा प्रशासन ऐसी व्यवस्था करे, जिससे मान्यता पर संकट खत्म हो। डीएम अमित किशोर ने उन्हें समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।