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पीकू वार्ड तैयार, उपकरण का इंतजार
- जिला अस्पताल में पांच और रुद्रपुर में तीन बेड का बनना है वार्ड
- दोनों जगह भवन का निर्माण पूरा, लखनऊ से आना है उपकरण
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। पूर्वांचल के लिए जानलेवा बनी जेई/एईएस से निपटने के लिए मार्च तक पीकू वार्ड बनना था लेकिन विभागीय उदासीनता और बजट की कमी से तय वक्त के तीन माह बाद भी पीकू वार्ड शुरू नहीं हो सका है। जिला अस्पताल और रुद्रपुर सीएचसी में पीकू वार्ड के लिए भवन बनकर तैयार है। उपकरणाें की कमी से वार्ड को शुरू नहीं किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में पांच बेड बढ़ाना प्रस्तावित है। इसके अलावा रुद्रपुर सीएचसी पर भी तीन बेड का पीकू वार्ड बनना है। जिससे कि बारिश के बाद शुरू होने वाले इंसेफेलाइटिस के प्रकोप के दौरान मरीजों का बेहतर उपचार हो सके। जुलाई का एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी दोनों वार्ड शुरू नहीं हो सकें हैं। सोमवार को गोरखपुर में आयोजित प्रमुख सचिव की बैठक में सीएमओ से इसके लिए जवाब तलब भी हुआ। सीएमएस डॉ. छोटेलाल की मानें तो जिला अस्पताल में पीकू वार्ड के लिए भवन का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया है। बेड भी उपलब्ध है। वार्ड में डीफिब्रिलेटर, मल्टी पैरामीटर और वेंटिलेटर लगना है। इसकी खरीदारी करने की जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी गई है। सीएमओ डॉ. धीरेंद्र कुमार ने बताया कि इसी महीने में जिला अस्पताल का पीकू वार्ड चालू कर दिया जाएगा। अगले माह में रुद्रपुर का भी चालू होगा।