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शिक्षामित्रों ने भरी हुंकार, पुलिस लाइंस में दी गिरफ्तारी

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देवरिया। समायोजन रद्द होने से नाराज शिक्षामित्रों ने हुंकार भरी है। संयुक्त समायोजित शिक्षक, शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को पुलिस लाइंस पहुंच कर शिक्षामित्रों ने गिरफ्तारी दी, बाद में इन सभी को छोड़ दिया गया। शिक्षामित्रों ने इस आंदोलन को और तेज करने की बात कही।
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गिरफ्तारी से पूर्व कलेक्ट्रेट में चले धरना को संबोधित करते हुए मनोज सिंह चंदेल ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से अध्यादेश लाकर हमारा सम्मान वापस देने तक धरना चलता रहेगा। सरकार ने शिक्षामित्रों से सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। आंदोलन अब आरपार का होगा। शशांकशेखर सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों ने ठान लिया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में एक भी भाजपा प्रत्याशी लोकसभा में पहुंचने नहीं देंगे। जयप्रकाश यादव ने कहा कि यह लड़ाई शिक्षामित्रों के भविष्य को लेकर है। रेनू तिवारी और अंबिका तिवारी ने कहा कि महिला शिक्षामित्र कदम से कदम मिलाकर चलने का कार्य कर रही हैं। हम सभी विद्यालय का मोह त्याग दें। रामयोगेंद्र भारती और संजय पांडेय ने कहा कि यदि सरकार हमारी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं करती है तो आग अब ज्वालामुखी का रूप लेगी। अंकलेश्वर सिंह और विद्यानिवास यादव ने कहा कि आंदोलन को और गति दिया जा रहा है। यह लड़ाई हमारी अंतिम होगी। रामाश्रय भारती और प्रभाकर द्विवेदी ने कहा कि शिक्षामित्रों के जेल भरने से जेल में जगह ही कम पड़ जाएगी। आनंद प्रकाश और मुकेश सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों को हताश होने की जरूरत नहीं है। हरेंद्र पांडेय और नरेंद्र यादव ने कहा कि सीएम को हठधर्मिता छोड़नी पड़ेगी। रविप्रकाश यादव और अविनाश तिवारी ने कहा कि सरकार अपने संकल्प पत्र में किए वादे से मुकर रही है। कलेक्ट्रेट में धरना के बाद शिक्षामित्रों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया। इसके बाद बस और अन्य वाहनों में सवार होकर पुलिस लाइंस पहुंच गिरफ्तारी दी। इस दौरान बबलू अहमद, सुरेश, सुरेश चंद्र पांडेय, गेना यादव, विनय मिश्रा, सीमा देवी, प्रभावती देवी, आशा साहनी समेत तमाम शिक्षामित्र मौजूद रहे। ।
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