जिले के विकास को 505.15 करोड़ स्वीकृत
योजना समिति ने दिया अनुमोदन, विकास भवन सभागार में आयोजित हुई समिति की बैठक
कृषि मंत्री ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को चेताया, नहीं बनी अच्छी सड़कें तो होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले के विकास के लिए 505 करोड़, 15 लाख का बजट स्वीकृत किया गया है। रविवार को विकास भवन के गांधी सभागार में जिले के प्रभारी एवं कृषि विपणन व उद्यान राज्यमंत्री श्रीराम चौहान की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक में इसे अनुमोदित दिया गया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि जिला योजना की बैठक में अनुमोदित परिव्यय को शासन स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा। सभी विभाग अपने विभागाध्यक्षों से समन्वय कर स्वीकृत परिव्यय के अनुरूप कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न कराएंगे। जनप्रतिनिधि जनहित से जुड़े प्रस्ताव को उपलब्ध कराएंगे, जिसे अधिकारी समीक्षा कर उसे समेकित रूप देंगे, ताकि जनपद के संतुलित विकास की कार्ययोजना बनाई जा सके। मौके पर कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने लोक निर्माण विभाग से कहा कि समयबद्धता के अनुरूप सड़कों को बनाएं, इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें। साथ ही स्वास्थ्य केन्द्रों को पूरी तरह से सक्रिय तथा आधारभूत सुविधाओं से जोड़े जाने के निर्देश दिए। मत्स्य राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने जनप्रतिनिधियों की मांग अनुसार पशु सेवा केंद्र बनाए जाने के प्रस्ताव को शामिल किए जाने की मांग करते हुए कहा कि गोवंशों के नस्ल सुधार का सिमेन पशु केंद्रों पर उपलब्ध है। बरहज के विधायक सुरेश तिवारी ने मिलावटी दूध की चेकिंग व कार्रवाई के संबंध में जानकारी मांगी तो डीएम ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। विधायक ने समोगर के पास पुल बनाए जाने को प्रस्ताव सेतु निगम को प्रस्तुत करने को कहा। सदर विधायक जन्मेजय सिंह ने चरियांव की खराब सड़क, गुड्डन कुशवाहा ने भाटपाररानी में बतरौली की खराब सड़क, सलेमपुर विधायक काली प्रसाद ने पुराने नलकूपों की खराब नालियों की मरम्मत, विस्तार देने, धरमेर में सहकारी समिति के जमीन पर अवैध कब्जा हटाने की मांग की। जनप्रतिनिधियों के लाए गए सभी समस्याओं के समाधान करने के साथ ही उनके सुझावों को अमल में लाए जाने के निर्देेश भी अधिकारियों को दिए गए। बैठक में सीडीओ शिवशरणप्पा, एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र, एडीएम प्रशासन राकेश पटेल सहित अन्य अधिकारी व कई जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस मद में इतने के बजट का दिया प्रस्ताव
अनुमोदित परिव्यय में कृषि विभाग 16 लाख, गन्ना 8.37, लघु सीमान्त कृषकों को सहायता को 1290, पशुपालन 546. 90, दुग्ध विकास 134.60, वन विभाग 936.17, सहकारिता 200, ग्राम विकास के विशेष कार्यक्रम के तहत 2250, रोजगार कार्यक्रम 7917.61, पंचायतीराज 588.72, सामुदायिक विकास 25, निजी लघु सिंचाई 311, राजकीय लघु सिंचाई 412, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत 177.50, खादी एवं ग्रामोद्योग 21.66, सड़क एवं पुल 3100, पर्यावरण 300, पर्यटन 400, प्राथमिक शिक्षा 7782.27, माध्यमिक शिक्षा 312.51, प्राविधिक शिक्षा 250, प्रादेशिक विकास दल 80.15 लाख की जिला योजना अनुमोदित हुई। स्वास्थ्य विभाग के तहत एलोपैथिक 1318.78, परिवार कल्याण 4950, होमियोपैथिक 57.50, आयुर्वेद 24, यूनानी चिकित्सा 230.32 लाख के परिव्यव की सहमति दी गई। ग्रामीण स्वच्छता के तहत 2664, ग्रामीण आवास 6060, नगरीय पेयजल 234.45, अनुसूचित जाति का कल्याण 885.07, अनुसूचित जनजाति का कल्याण 53.15, पिछड़ी जाति का कल्याण 670.29, अल्पसंख्यक कल्याण 125.93, समाज कल्याण सामान्य जाति अन्तर्गत 1095.25 लाख का परिव्यय अनुमोदित किया जाना शामिल है। इसी प्रकार शिल्पकार प्रशिक्षण को 210 लाख, समाज कल्याण 1198, दिव्यांग कल्याण 1174.8, महिला कल्याण 2800 लाख का परिव्यय अनुमोदित किया गया।
जिला पंचायत सदस्यों ने की त्रिस्तरीय कमेटी गठन की मांग
प्रदेश मंत्री व विधायकों को सौंपा ज्ञापन, मांग पूरा न होने पर अनशन की चेतावनी दी
बोले : छह माह से अधिक प्रशासक की भूमिका में नहीं रह सकते डीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला पंचायत देवरिया में त्रिस्तरीय कमेटी के गठन की मांग को लेकर सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार को प्रदेश कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, प्रभारी मंत्री श्रीराम चौहान, सदर विधायक जन्मेजय सिंह, बरहज विधायक सुरेश तिवारी व सलेमपुर विधायक काली प्रसाद को जिला पंचायत सदस्यों ने ज्ञापन सौंपकर आवाज बुलंद की।
राजन यादव ने कहा कि आठ मई 2018 से जिला पंचायत अध्यक्ष पद का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार डीएम के पास है। हालांकि, उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत अधिनियम 1961 के अनुसार छह माह तक डीएम को यह अधिकार देने का प्रावधान है। प्रदेश में यह पहला जिला है जहां 21 माह से डीएम प्रशासक की भूमिका निभा रहे हैं। यह लोकतंत्र व जिला पंचायत सदस्यों के अधिकार का हनन है। विगत एक वर्ष से सदस्यगण त्रिस्तरीय कमेटी गठन की मांग को लेकर विधायक, मंत्री, अध्यक्ष से लगायत पंचायतराज मंत्री तक गुहार लगा चुके हैं। इसके बावजूद अबतक त्रिस्तरीय कमेटी का गठन नहीं किया गया। कृपाशंकर उपाध्याय ने कहा कि 15 मार्च तक हमारी मांग पूरी नहीं हुई तो सभी सदस्यगण जिला पंचायत गेट पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठेंगे। इस दौरान रविप्रकाश सिंह, घनश्याम, रानी देवी, गीता देवी, दुर्गावती देवी, शांति देवी, पूनम सिंह, चंद्रावती, दुलारी देवी, कृष्ण मणि तिवारी, प्रेमलता सिंह, श्वेता सिंह, शकुंतला भारती मौजूद रहीं।