देवरिया के जिला कारागार में बवाल के बाद करीब सौ बंदी भूख हड़ताल पर चले गए है।
डीआईजी जेल कारागार की निगरानी में है।
जेल में बवाल के बाद कई लोगों का ब्यान दर्ज किया है। कुुछ बंदियों के तीन टाइम से भोजन नहीं किया है। जिससे जेल प्रशासन के होश उड़ गए है। जेल में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पुलिस की पिटाई से जेल का पूरा अस्पताल भरा पड़ा है। बुधवार को मुलाकात करने गए परिजनों ने बंदियों ने आपबीती सुनाई। जिसके बाद घरवाले सहमे है। जेल प्रशासन सब कुछ सामान्य होने की बात कह रहा है।
मंगलवार को जिला कारागार में सुविधा और नशीला पदार्थ को लेकर दो गुटों के बीच मारपीट हो गया है।
शाह आलम सहित पांच बंदियों ने जेल राइटर धनवंतरी को जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल का मुखबिर बनाकर पीट दिया। जेल प्रशासन की सख्ती पर बंदी भड़क गए और अधीक्षक को दौड़ा लिया था। चार घंटे तक चले बवाल के बाद एसपी एसपी प्रभाकर चौधरी फोर्स के साथ उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए आंसू गैस, पानी की बौछार और 12 राउंड फायरिंग की। जेल में शांति बहाली कर अन्य अधिकारी लौट गए।
डीआईजी यादवेंद्र शुक्ल ने कारागार में कैंप लगा दिया। सूत्रों की मानने तो तोड़फोड़ के बाद मेस तबाह हो गया था। मारपीट में कई बंदी घायल हो गए। जेल में रात तक अफरातफरी का माहौल रहा। ऐसे में शाम को भोजन नहीं बना। भूखहड़ताल की सूचना पर पुलिस फिर पहुंची और दादागिरी कर रहे कुछ बंदियों की पिटाई कर दी। बुधवार की सुबह कई बंदी पिटाई से उठ नहीं पा रहे थे।
करीब दर्जन भर लोगों के हाथ पैर टूट गए थे। कइयों का सिर फट गया था। बंदी इस कदर घायल थे कि रोजमर्रा का काम तक दूसरों के सहारे किए। पूरे जेल में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश था। जिसके बाद करीब सौ बंदियों ने भोजन नहीं किया।
सुबह कुछ लोगों को नाश्ता मिला। दोपहर एक बजे के करीब बंदियों से मुलाकाती कर बाहर निकले परिजनों ने आपबीपी सुनाई। बाहर आए परिजनों ने बताया कि जो बंदी घायल है उन्हें मुलाकात के लिए नहीं भेजा जा रहा है।
कइयों के हाथ, मुंह में चोटें आई है। कुछ लोगों को जेल प्रशासन की ओर से थाली में खाना भेजा जा रहा है लेकिन बंदी खा नहीं रहे है। जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल ने बंदियों की भूख हड़ताल से इंकार किया है। उनका कहना है कि अधिकारियों की निगरानी में सभी केे भोजन कराया गया है।