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निजी स्कूलों पर शिकंजा न कसा तो करेंगे आंदोलन

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निजी स्कूलों पर शिकंजा न कसा तो करेंगे आंदोलन
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- आंदोलन के मूड में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता
- डीएम से मिलकर मनमानी पर अंकुश लगाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। बेलगाम निजी स्कूल संचालकों के खिलाफ जनाक्रोश अब भड़कने लगा है। शुक्रवार को विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। डीएम अमित किशोर को ज्ञापन देते हुए नियम को दरकिनार कर अभिभावकों का आर्थिक शोषण करने वाले स्कूल संचालकों पर कार्रवाई करने की मांग की। 15 सूत्री ज्ञापन के जरिए सख्ती न बरतने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
संगठन के संयोजक शिवम पांडेय क्रांतिकारी ने कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक संचालित हो रहे स्कूल जिम्मेदारों की मिलीभगत से मनमानी कर रहे हैं। स्कूलों में दाखिला कराने के नाम पर अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। शासन के कड़े निर्देश का पालन जिले के अफसर नहीं करा पा रहे हैं। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग की भूमिका भी ठीक नहीं है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति किया जा रहा है। नए सत्र में रिएडमिशन फीस के नाम पर स्कूल संचालक मोटी रकम अफसरों के नाक के नीचे वसूल रहे हैं। इस पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन करेंगे। इस दौरान निलेश शुक्ला, अखिलेश सिंह, फैजल, अनन्या तिवारी, मुरली त्रिपाठी, नीरज पांडेय, राहुल पांडेय, आलोक त्रिपाठी, अभिषेक तिवारी, अनुभव कुशवाहा, विपिन तिवारी, हिमांशु आदि मौजूद रहे।
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इनसेट
अफसर करें कार्रवाई, नहीं तो होगा आंदोलन
देवरिया। आजाद हिंद सेना की बैठक शुक्रवार को कैंप कार्यालय पर हुई। संस्थापक अध्यक्ष ऋषि मुनि पांडेय ने कहा कि निजी स्कूल संचालक सरकार के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। अफसर भी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। इसका असर अभिभावकों पर पड़ रहा है। नामांकन के अलावा ड्रेस, कॉपी-किताब, बैग चुनी हुई दुकानों से खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर किया जा रहा है। इस दौरान जिलाध्यक्ष आत्मदेव मणि, मुकेश वैरागी, अभिषेक चौरसिया, जफर इकबाल, विजय शुक्ल, पप्पू सिंह, विनोद शाह, आकाश वर्मा, नौशाद खान आदि मौजूद रहे।
विद्यार्थी परिषद की यह है मांग
* रि-एडमिशन फीस पर रोक लगाया जाए।
* आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों को 25 प्रतिशत प्रवेश दिया जाए
* निजी स्कूल संचालक अभिभावकों से लिए गए शुल्क को सार्वजनिक करें।
* स्कूल संचालक पांच वर्ष तक कोई भी ड्रेस कोड न बदलें और अतिरिक्त फीस न वसूलें
* वैकल्पिक शुल्क बस, बोर्डिंग, मेस, टूर की अनिवार्यता खत्म हो
* प्रवेश के दौरान लिए गए शुल्क का विवरण अभिभावकों को दें
* मान्यता प्राप्त स्कूलों की समय-समय पर जांच हो और खामियां मिलने पर कार्रवाई की जाए
* निजी स्कूलों में शिक्षक छात्र अनुपात मानक के अनुसार नहीं हैं, इसकी व्यवस्था की जाए
* कक्षा आठ तक स्कूल चलाने वाले हाईस्कूल और इंटर का क्लास चला रहे हैं, इस पर रोक लगाई जाए
निजी बस स्कूलों में चलने वाले वाहनों में सही अनुपात के अनुसार बच्चों को बैठाया जाए।
* डीआईओएस संबंधित से समन्वय कर शुल्क नियामक समिति का गठन करें
* निजी स्कूलों में शासन की मंशा के अनुसार योग्य शिक्षकों को रखा जाए
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