देवरिया। जिले के कामर्शियल वाहन चालकों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें हर साल वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए एआरटीओ कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। शासन ने अब शुरुआती आठ साल तक ऐसे वाहनों को दो-दो साल के लिए फिटनेस देने का निर्णय लिया है। खास बात यह है कि दिसंबर माह से ही यह नियम लागू भी हो गया है।
अभी तक सात सीट से अधिक लंबाई वाले कामर्शियल वाहन स्वामियों को हर साल संभागीय परिवहन विभाग से निर्धारित शुल्क अदा कर फिटनेस प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होता था। इसके लिए उन्हें काफी दुश्वारियां झेलनी पड़ती थी। हर साल फिटनेस के लिए अतिरिक्त शुल्क और समय से प्रमाण पत्र लेने का तनाव अलग से रहता था। नए नियम के अंतर्गत अब आठ साल तक वाहनों को दो-दो साल का फिटनेस प्रमाण पत्र दिया जाएगा। आठ साल बाद पुराना वाहन होने के बाद फिर उन्हें एक साल पर फिटनेस कराना होगा। जिले में करीब 14 हजार कामर्शियल वाहन हैं। ऐसे में इस नियम का सीधा लाभ इन वाहन स्वामियों को मिलेगा।
जिले में कामर्शियल वाहनों की संख्या
जीप टैक्सी-734
थ्री व्हीलर्स गुड्स-622
थ्री व्हीलर्स पैसेंजर-5399
लांग गुड्स व्हीलर्स- 3645
मीडियम गुड्स व्हीलर्स-370
हैवी गुड्स व्हीलर्स-1792
बस-127
मिनी बस-207
स्कूल बस-712
टैंकर-132
मल्टीएक्सल- 55
कामर्शियल वाहनों के लिए लगने वाला फिटनेस शुल्क रुपये में
* ट्रक: 800
* आटो रिक्शा: 600
* लोडर: 800
* बस: 800
* टैक्सी कार: 600
कामर्शियल वाहनों को अब दो साल के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। साथ ही नए वाहनों में आठ साल तक प्रतिवर्ष फिटनेस नहीं होगा। शासन स्तर से इस नियम को लागू करने के लिए विभागीय सर्वर में कुछ बदलाव किया जा रहा है। अब हर साल वाहन स्वामियों को फिटनेस के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।
- राजीव चतुर्वेदी, एआरटीओ प्रशासन, देवरिया।