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नौकाटोला के घरों तक पहुंचा सरयू का पानी

Sun, 05 Aug 2018 11:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
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बरहज के नौकाटोला में श्रीध्यान यादव के घर तक पहुंचा बाढ़ का पानी। - फोटो : अमर उजाला
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बरहज। सरयू का जलस्तर थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार को बरहज घाट पर जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर रिकार्ड किया गया। इससे नदी अब रिहायशी क्षेत्रों की ओर बढ़ने लगी है। नौकाटोला के घरों तक पानी पहुंच गया है। जलस्तर में इजाफा जारी रहा तो यह इलाके जल्द ही बाढ़ की जद में होंगे। पिछले दस दिनों से सरयू के जलस्तर में निरतंर वृद्धि हो रही है। एक सप्ताह पूर्व जलस्तर खतरे के निशान 66.50 मीटर को पार कर गया था। इसके बाद से उतार-चढ़ाव का क्रम बना हुआ है। रोजाना आठ से 10 सेमी की बढ़त दर्ज की जा रही है। रविवार को जलस्तर 66.90 मीटर पर पहुंच गया। बढ़े जलस्तर से नदी का पानी खेतों के रास्ते गांवों की तरफ बढ़ रहा है। कटइलवा गांव के रास्ते पानी नौकाटोला के श्रीध्यान यादव, मनोज यादव, रामशेष, पप्पू यादव, पूर्व प्रधान रवीन्द्र यादव, लालपरीखा, झाबर आदि के घरों के करीब पहुंच गया है। नदी के रौद्र रुप अख्तियार करने से बाढ़ जैसी आशंका से लोग भयभीत हैं।
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परसियां-नुरुलाहपुर बांध की मरम्मत नहीं, कई टोलों पर खतरा
बरहज। नदी पार दियारा क्षेत्र के परसियां-नुरुलाहपुर बांध गत वर्ष बाढ़ में प्राथमिक विद्यालय के समीप पानी के दबाव से टूट गया था। इस बार भी बाढ़ का पानी बंधे के करीब से बह रहा है। समय रहते विभाग की ओर से बंधे का मरम्मत नहीं कराया गया तो दर्जनों टोले तबाह हो सकते हैं।
नदी पार परसियां में 26 और विशुनपुर के 14 टोले हैं। यहां के लोग नदी पार कर आते-जाते हैं। बाढ़ के समय ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ जाती हैं। इससे लोगों का आवागमन नाव के जरिए होता है। गांव को सुरक्षित करने के लिए बाढ़ विभाग ने साधु की मड़ई से नुरुलाहपुर तक करीब आठ किमी बांध का निर्माण कराया है। बरमहवां टोला के मंजनाथ यादव, विक्कन यादव, बबलू यादव, मंजनाथ यादव, दिनेेश यादव, अमरुतानी के पारस नाथ, झारखंडी यादव, मोहांव के बहादुर यादव, बुद्धन यादव, बिचला टोला हरिजन बस्ती के बच्चू लाल प्रसाद, ढ़ल्लन प्रसाद आदि का कहना है कि 2017 में अगस्त के आखिरी सप्ताह में प्राथमिक विद्यालय विशुनपुर के समीप बंधा टूट गया था। ग्रामीणों की मदद से प्रशासन ने किसी तरह बंधा सही कराया था लेकिन उसके बाद मरम्मत की कोई पहल नहीं हुई। लोगों की मानें तो इस बार बांध टूटा तो दर्जनों गांवों में तबाही तय है। इस संबंध में एसडीएम घनश्याम ने कहा कि बाढ़ की संभावना को लेकर चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। टूटे बंधे की शीघ्र ही मरम्मत करा लिया जाएगा।
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गांवों में बाढ़ का खतरा
रुद्रपुर। एक सप्ताह से हो रही बारिश ने सिंचाई विभाग के बाढ़ की तैयारियों की पोल खोल दी है। बंधों पर रेनकट्स और रैटहोल धंसने लगे है। झमाझम बारिश से कमजोर बंधों के धंसने से 116 गांव के लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रविवार को भी गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही। गोर्रा नदी खतरे के निशान 70.50 से 68.80 मीटर और राप्ती 68.70 मीटर पर बह रही थी।
दोआबा क्षेत्र के सबसे लंबे बांध तिघरा-मराछी पर कई जगह रेनकट्स धंस गए हैं। लगातार बारिश होने से सिंचाई विभाग बंधों की मरम्मत भी नहीं कर पा रहा है। पचलड़ी से ईश्वरपुरा बांध में कई जगह बोरियां खिसक गई हैं। मार्ग पर चार पहिया वाहनों को लेकर आने-जाने से दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। जोगिया सरमोहना बांध पर भीमसेन माझा गांव के करीब गोर्रा नदी बंधे को काट रही है। यहां बंधा बचाने को लगे बैंबोक्रेट नदी में झुकने लगे है। गायघाट गांव के करीब समय से बाढ़ बचाने को पिचिंग का कार्य पूरा नहीं होने से मिट्टी धंस गई है। यहां नदी किनारे मजदूर कार्य नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में पिचिंग का कार्य करने में परेशान होना पड़ रहा। नरायनपुर से गाजन डहरौली मार्ग पर सड़कों के किनारे रेनकट्स बनने से लोग चार पहिया वाहन लेकर नहीं निकल पा रहे है। इस बाबत एसडीएम सूर्यभान गिरी ने कहा कि सिंचाई विभाग को बंधों पर बने रेनकट्स और रैटहोल को मरम्मत करने का निर्देश दिया गया है। दोनों नदियां अभी खतरे के निशान के नीचे बह रही है।
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