देवरिया। शैक्षणिक और सरकारी संस्थानों में गुरुवार को हिंदी दिवस मनाया गया। हिंदी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। निबंध, नाटक और पत्र लेखन प्रतियोगिता आयोजित हुई। इस दौरान लोगों ने कहा कि बोल-चाल के साथ कामकाज में हिंदी को अपनाएं। ताकि अधिक प्रचार-प्रसार हो सके।
संत विनोबा पीजी कॉलेज के छात्रों ने सोचो हिंदी, बोलो हिंदी विषयक नाटक प्रस्तुत किया। हिंदी विभाग की ओर से मंटू और गोलू के झगड़ों को दर्शाया है। गोलू के मां की शिकायत के बाद मंटू को शहर जाना पड़ता है। 20 साल बाद लौटता है तो वह इंग्लिश बोलने लगता है। इंग्लिश में पानी डिमांड करने पर प्यासा रहना पड़ता है। इस दौरान डॉ. राजेश मिश्र, डॉ. शैलेंद्र राव, डॉ. उमेश दुबे, अंशिका तिवारी, पूजा मिश्रा, काजल, अंजुम आरा, बबिता ने संबोधित किया। दीनानाथ पांडेय राजकीय महिला पीजी कॉलेज में निबंध, पोस्टर, काव्य पाठ, नुक्कड़ नाटक और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता हुई। सीडीओ राजेश त्यागी ने 26/11 मुंबई हमला, कारगिल शहीद, महात्मा गांधी, शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के पोस्टर का निरीक्षण किया। इस दौरान प्राचार्य डॉ. अंजलिका निगम, डॉ. ऊषा श्रीवास्तव, डॉ. रीना सिंह, डॉ. अंजना, ममता गौतम, राजेश भारती, राखी भारती आदि मौजूद रहीं। सपाइयों की बैठक कैंप कार्यालय में हुई। वरिष्ठ नेता बेचूलाल चौधरी ने कहा कि हिंदी अपने अधिकार के लिए तरस रही है। समाजवादियों ने अन्य भाषाओं की भी हिमायत की है। इस दौरान अम्बिका यादव, योगेंद्र यादव, दीनानाथ चौधरी, विजय यादव, जुल्फिकार अली आदि रहे। माडर्न सिटी मांटेसरी इंटर कॉलेज में निबंध प्रतियोगिता में केशव द्विवेदी, अभिषेक मिश्र, राहुल गुप्त जबकि बालिका में शिखा तिवारी, मनीषा द्विवेदी और अंकिता राय को पुरस्कार मिला। अशोक इंटर कॉलेज में पत्र लेखन का आयोजन किया गया। कक्षा छह से 12वीं तक के छात्र छात्राओं ने इसमें हिस्सा लिया। प्रधानाचार्य डॉ. मिथिलेश सिंह ने कहा कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने हिंदी के विकास के लिए काम किए हैं। इस दौरान नीरज श्रीवास्तव, कतवारू राम, सत्येंद्र कुमार, मारकंडेय तिवारी, रामबहाल प्रसाद आदि रहे।