रुद्रपुर। भीषण बाढ़ आपदा झेल रहे दोआबा के दो लाख लोगों को प्रशासन ने उनके हाल पर छोड़ दिया है। आपदा ग्रस्त गांवों में अब प्रशासन की न तो इमदाद पहुंच रही और न ही मदद करने वाली टीम। गरीबों में बंटने वाला राहत पैकेट अमीर हजम कर जा रहे हैं। मंगलवार को जगदीशपुर और बहोरादलपतपुर के बाढ़ पीड़ितों ने तहसील का घेराव किया। उन्होंने राहत पैकेट के वितरण में अनियमितता का आरोप लगाया।
पीड़ितों के अनुसार प्रशासन की ओर से आपदा के 15 दिनों में महज एक बार मिलने वाला राहत पैकेट भी गांव के अमीर और दबंगों ने हजम कर लिए। गरीबों को राहत के नाम पर कुछ भी नहीं मिला। हर गांव में राहत पैकेट वितरित करने का प्रशासन का दावा खोखला साबित हो रहा है। अधिकारी गांव के दबंगों को राहत पैकेट देकर वितरण की जिम्मेदारी दे दी। उन लोगों ने गांव में चहेतों में राहत वितरित किया। आपदा ग्रस्त गांव के हरिप्रताप, रामसेवक, धमेंद्र सिंह, रविशंकर, अरविंद, गुच्चुन प्रसाद, निर्मला, राजकुमारी, रमानयन, मुरारी, दुर्गावती, रजावती, सुभावती, परमी देवी, मनवाती सहित सैकड़ों महिला-पुरुषों ने तहसील का घेराव किया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि गांव के भूमिहीन गरीबों को कोई पूछने वाला नहीं है। उनके पास भूमि नहीं होने से उन्हें फसल नुकसान का मुआवजा भी नहीं मिलने वाला है। ऐसे में रोज कमाकर खाने वाले गरीबों के परिवार में लोग भूख से बेहाल हैं। पीड़ितों ने बाढ़ प्रभावित गरीब भूमिहीनों को तत्काल राहत मुहैया कराने की मांग की। एसडीएम घनश्याम ने कहा कि राहत पैकेट से वंचित रहे लोगों तक राहत पहुंचाने का निर्देश दे दिया गया। वितरण में गड़बड़ी हुई तो हल्का लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई होगी।