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फिर भड़का शिक्षामित्रों का आक्रोश

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देवरिया। शासन से वार्ता विफल होने के बाद शिक्षामित्रों की नाराजगी फिर फूट पड़ी। गुरुवार को पठन-पाठन छोड़ शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट पर हवन किया। मोदी-योगी के नाम की आहुति दी। सरकार विरोधी नारे लगाए। कलेक्ट्रेट से जुलूस के रूप में सुभाष चौक पहुंचे। जुलूस में सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष शिक्षामित्रों के शामिल होने से सिविल लाइंस रोड पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सुभाष चौक पर शिक्षामित्रों का जमावड़ा लगने से देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर करीब आधे घंटे तक यातायात ठप हो गया। शुक्रवार को फिर जोरदार आंदोलन का ऐलान कर अपने-अपने घर चले गए। शिक्षामित्रों के आंदोलन को देखते हुए पुलिस सुबह से ही चौकन्ना थी। सुबह 10 बजे से ही शिक्षामित्रों का जमावड़ा कलेक्ट्रेट पर होने लगा था। घड़ी की सुई बढ़ने के साथ ही सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट पर एकत्र हो गए। सरकार विरोधी नारे गूंजने लगे। पूूरा कलेक्ट्रेट खचाखच भर गया। इससे सरकारी कामकाज पर भी असर पड़ा। हवन करने के बार शिक्षामित्रों का जुलूस सुभाष चौक की ओर बढ़ा। इस दौरान पुलिसकर्मियों को खूब पसीने बहाने पड़े। मनोज सिंह चंदेल ने कहा कि संगठन अब आरपार की लड़ाई लड़ेगा। शशांक शेखर सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार शीघ्र अध्यादेश जारी नहीं करती है तो 21 अगस्त को लखनऊ में विशाल धरना दिया जाएगा। जयप्रकाश यादव ने कहा कि शिक्षामित्र लखनऊ से लेकर दिल्ली तक ईंट से ईंट बजाने के लिए तैयार हैं। पूर्वांचल छात्र संघर्ष समिति ने शिक्षामित्रों के आंदोलन को समर्थन दिया। भाकपा के जिला मंत्री आनंद चौरसिया और उमेश शर्मा ने शिक्षामित्रों की लड़ाई से साथ देने का वादा किया।
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टीएसआई ने हियुवा नेता को धक्का दिया
शिक्षामित्रों के जुलूस के दौरान जिला पंचायत के सामने सुभाष चौक की ओर जाने वाले मार्ग को रोक दिया गया था। इस दौरान हिंदू युवा वाहिनी के तहसील संयोजक आलोक श्रीवास्तव बाइक से जा रहे थे। टीएसआई रामवृक्ष यादव ने हियुवा नेता की बाइक रोकने लगे। अभी वह बाइक में ब्रेक लगाते कि टीएसआई ने धक्का दे दिया। हियुवा नेता ने परिचय भी दिया, लेकिन टीएसआई पर कोई असर नहीं पड़ा। बोले, भाजपा के हो या हियुवा के नियम सबके लिए है। बाद में बाइक की चाभी लेकर टीएसआई चले गए। इतना ही नहीं टीएसआई ने कई बाइक सवार के सिर से हाथ में लिए छोटे झंडे से भी मारा। गर्मी में सिर पर प्रहार कितना खतरनाक होता है ये खाकी वाले क्या जानें।

स्कूली बच्चों को पैदल जाना पड़ा घर
जिस समय शिक्षामित्रों का जुलूस निकला था, उस समय स्कूलों में छुट्टी का समय था। बच्चे वैन और बस से घर जा रहे थे, लेकिन टीएसआई ने स्कूली बसों को जिला पंचायत के सामने रोक दिया। फिर उसे कलेक्ट्रेट की ओर ले जाने का निर्देश दिया। ऐसे में बहुत से बच्चों को बस से उतरकर घर जाना पड़ा।
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