रुद्रपुर/एकौना। मूसलाधार बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर तेजी से पड़ने लगा है। गुरुवार को भी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही। गोर्रा और राप्ती नदी लाल निशान छूने को बेताब हैं। खतरे के निशान की ओर बढ़ रही नदियों के वेग को देख 116 गांवों के लोगों में बाढ़ का भय बना है। बारिश से नम बंधों पर नदियों का दबाव बढ़ता जा रहा है। वहीं नदी और बंधे के बीच बसे गांवों में नदी ने कटान तेज कर दी है।
गुरुवार की शाम गोर्रा नदी 69.40 मीटर और राप्ती नदी 69 मीटर पर बह रही थी। दोनों नदियां लाल निशान से क्रमश: 1.10 मीटर और 1.50 मीटर नीचे बह रही थी। पल-पल नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी को देख कछार और दोआबा के लोग दहशत में है। क्षेत्र के तिघरा मराछी, मराछी नगवा, पलिया छपरा, सेमराना नकईल, जोगिया सरमोहना, पिड़रा करनपुरा, पिड़रा भुसवल, नकईल गायघाट आदि बंधों पर दबाव बढ़ गया है। गोर्रा नदी नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर गांव के मकानों पर सीधे टक्कर मार रही है। नदी के तटवर्ती गांवों में कटान देख लोगों के मकान नदी में समा जाने का खतरा बना है। गायघाट और केवटलिया गांव के पास हुए बोल्डर पीचिंग राप्ती नदी में गिर रहे है। प्रशासन ने सिंचाई विभाग को बंधों पर निगरानी तेज करने का निर्देश दिया है। एसडीएम घनश्याम ने कहा कि बाढ़ कार्य खंड को बंधों पर जमे रहने का निर्देश दिया गया है। कटान स्थलों पर निरोधात्मक कार्य तेजी से कराए जा रहे है।