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39 बदमाशों की एसपी ने खुलवाई हिस्ट्रीशीट

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देवरिया। बदमाशों के खिलाफ योगी सरकार की सख्ती पर एसपी ने मुहर लगा दी। पहली बार जिले में एक साथ 39 बदमाशों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। सभी बदमाश लूट, हत्या, डकैती, चोरी, चेन स्नेचिंग जैसे गंभीर मामलों में आरोपी हैं या आम शोहरत ठीक नहीं है। एसपी राजीव मल्होत्रा ने बताया कि पूरे जिले में बदमाशों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की गई। 39 के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली गई, बाकी पर कार्रवाई चल रही है। सदर कोतवाली इलाके के न्यू कॉलोनी निवासी सर्वेश तिवारी, रामनाथ देवरिया निवासी दुर्गा बांसफोर उर्फ भेेली, बढ़या बुजुर्ग निवासी रामाश्रय उर्फ लंगड़ा, रामनाथ देवरिया निवासी आकाश सिंह, रामपुर कारखाना, जंगल बेलवा निवासी रामायन सिंह, बलटिकरा निवासी यूसुफ अंसारी, भटनी दादन के नईम, मोहन मुंडेरा के वसीम, रुद्रपुर कोतवाली, शिवपुर पड़रही निवासी रमाशंकर निषाद, जंगल पिपरा निवासी गोलू निषाद, लालाटोला कस्बा के नसीम उर्फ फेजल, लक्ष्मीपुर निवासी प्रभु निषाद, गौरीबाजार, पथरहट निवासी दिनेश सिंह, डबलू उर्फ कामेश्वर सिंह, रवि प्रताप सिंह उर्फ पप्पू सिंह, चरियांव खास निवासी सुभाष जायसवाल, गौरीबुजुर्ग निवासी धर्मदेव यादव, मदनपुर, ठकुरदेवा निवासी अदालत यादव, उजरी भरौली निवासी संतोष सोनकर, एकौना, कोड़री निवासी महंत गिरी, बरहज, सतराव निवासी गुड्डू यादव, राजन गौंड, नरेंद्र यादव, भलुअनी के विशुनपुरा निवासी स्वयंबर यादव, पड़री छत्रपति के राहुल सिंह, भैयाफुलवरिया के पंकज सिंह, खुखुंदू के सुखवीर निवासी मनीष मिश्र, मझवलिया के प्रमोद कुशवाहा, बीजापुर झंगटोर के हृदयानंद मिश्र, लार पिंडी निवासी शिवनरायन मल्लाह, अमित पटेल, भटनी के बभनौलीकला निवासी कमलेश प्रसाद, जगरनाथ छपरा निवासी अभय सिंह तक्षक उर्फ पंकज राय उर्फ मुक्तिनाथ उर्फ मुन्ना, नोनापार निवासी मोनू तिवारी, बेहराडाबर निवासी मुरली तिवारी, भाटपाररानी के टीकमपार निवासी रामचंद यादव उर्फ रणविजय यादव और बनकटा थानाक्षेत्र के नोनार गांव निवासी बैजू पांडेय उर्फ अमृतेष पांडेय के खिलाफ कार्रवाई की गई। कुछ की उम्र तीस वर्ष से कम है।
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क्या होती है हिस्ट्रीशीट
एसपी अपने विवेक से किसी भी बदमाश की हिस्ट्रीशीट खुलवा सकते हैं। आमतौर पर सक्रिय अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली जाती है, जिनके ऊपर दो से अधिक केस हों। हिस्ट्रीशीट खुलाने के बाद बीट का सिपाही, चौकी प्रभारी प्रतिदिन बदमाश की निगरानी करेगा, उनके संपर्क में कौन है, आय का स्रोत क्या है। थानेदार प्रतिवर्ष हिस्ट्रीशीट पर टिप्पणी लिखता है। अपराधी अगर निष्क्रिय हो जाता है तो वह पार्ट बी में चला जाता है। बदमाश के मरने के बाद ही हिस्ट्रीशीट खत्म होती है।
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