रामपुर बुजुर्ग। गुठनी थाना क्षेत्र के ताली नहर पुल के समीप शनिवार की दोपहर पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। इस पूरे मामले में यूपी कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस ने जांच और तेज कर दी है।
शनिवार को यूपी-बिहार सीमा से जुड़े इलाके में वाहनों की जांच बिहार पुलिस कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोककर पुलिस ने तलाशी ली। इसमें 305.280 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने मौके से महाराजगंज थाना क्षेत्र के देवरिया गांव निवासी पंकज कुमार और मुदित राय उर्फ मीतू राय को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में शराब की खेप का संबंध यूपी सीमा से जुड़े नेटवर्क से होने की आशंका जताई जा रही है।
इसी क्रम में पुलिस ने एक अन्य युवक को बाइक से 63 लीटर देसी शराब के साथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार युवक की पहचान देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के सोहनपुर निवासी आकाश कुमार पांडेय के रूप में हुई है। यूपी निवासी युवक की गिरफ्तारी से तस्करी में यूपी कनेक्शन और भी स्पष्ट हो गया है। पुलिस ने कार और बाइक दोनों को जब्त कर लिया है। गुठनी थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यूपी सीमा से लगे क्षेत्र में बढ़ती तस्करी को देखते हुए पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है।
17 लीटर शराब के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार
बनकटा। क्षेत्र के इंगुरी सराय मोड़ के समीप से शनिवार की रात पुलिस ने एक बाइक सवार के पास से 17 लीटर शराब बरामद की है। पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक सवार को रोककर तलाशी ली तो उसके पास से 17 पाउच बंटी बबली (14 लीटर) तथा आठ शीशी रायल स्टैग (तीन) अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मुन्ना गोड़ निवासी बड़गांव गोसाईं टोला, मैरवा, बिहार के रूप में हुई है। इस संबंध में एसओ विशाल कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
चेकपोस्ट के साए में फल-फूल रहा शराब तस्करी का खेल
रामपुर बुजुर्ग। यूपी-बिहार सीमा पर स्थित रामपुर बुजुर्ग पुलिस चेकपोस्ट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। चेकपोस्ट से महज कुछ ही दूरी पर शराब तस्करी के दो बड़े मामलों का खुलासा होने से स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। हैरानी की बात यह है कि दोनों ही बरामदगियां चेकपोस्ट के नजदीक हुईं, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पहला मामला रामपुर बुजुर्ग चेकपोस्ट से करीब 200 मीटर दूर उसी मार्ग पर स्थित मैरवा थाना क्षेत्र के धरनी छापर चेकपोस्ट का है। यहां पुलिस ने दो लग्जरी कारों से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब बरामद की। कार्रवाई के दौरान एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि दूसरा मौके से फरार होने में सफल रहा। बरामद शराब की मात्रा और कीमत इस बात का संकेत देती है कि तस्कर बेखौफ होकर सीमा पार आवाजाही कर रहे थे।
दूसरी घटना भी चेकपोस्ट हल्का से कुछ ही दूरी की है, जहां पुलिस ने एक कार और एक बाइक से कुल 368 लीटर शराब बरामद की। इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में यूपी कनेक्शन भी सामने आया है, जिससे यह स्पष्ट हो रहा है कि सीमा पार तस्करी का संगठित नेटवर्क सक्रिय है। लगातार दो बड़ी बरामदगियां चेकपोस्ट के आसपास होने के बावजूद वहां तैनात सिपाहियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब इतनी बड़ी खेप सीमा के पास पकड़ी जा रही है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर ये वाहन चेकपोस्ट की निगरानी से कैसे गुजर रहे थे?
सीमा पर लगातार हो रही ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रही हैं। जरूरत है कि उच्चाधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी जांच सुनिश्चित करें, ताकि सीमा क्षेत्र में सक्रिय अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील ने बताया कि इस मामले की जानकारी नहीं है।