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शौचालयों पर ताला, नहीं कोई पूछने वाला

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शौचालयों पर ताला, नहीं कोई पूछने वाला
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जिले में करोड़ों रुपये खर्च कर बनने हैं 1134 सामुदायिक शौचालय, 1072 तैयार
एक दिन की जांच में 34 पर लटका मिला ताला
अमरउजाला ब्यूरो
देवरिया। करोड़ों रुपये खर्च कर गांव-गांव 1134 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करोड़ों रुपये की लागत से कराया गया। इसमें 1072 शौचालय बनकर तैयार हो गए हैं लेकिन इसकी उपयोगिता सिर्फ कागज तक ही है। जिले के अधिकतर सामुदायिक शौचालयों में ताला लटक रहा है। डीएम के निर्देश पर हुए निरीक्षण में एक ही दिन 34 शौचालयों पर ताला लटका मिला है।
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स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत जिले के 1185 ग्राम पंचायतों में 1134 सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर प्रति शौचालय तीन लाख से अधिक रुपये खर्च किए गए। इसमें 1072 शौचालयों के पूर्ण होने पर 1045 शौचालयों को महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को सौंप दिया गया। इसमें 63 शौचालयों का निर्माण अभी नहीं हो सका है। इसमें 12 विवादित एवं 50 पर काम ही शुरू नहीं हुआ है। जो बनकर सामुदायिक शौचालय तैयार हैं, इसमें तो सैकड़ों ऐसे है, जिसे पूर्ण दिखा दिया गया है लेकिन अंदर से इस्तेमाल के लायक नहीं हैं। अधिकतर स्थानों पर पानी का इंतजाम है और न बिजली न ही साफ-सफाई का। शौचालयों में ताला बंद कर जिम्मेदार भूल गए हैं। ऐसे में खेत में शौच जाना ग्रामीणों की मजबूरी बन गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो प्रति शौचालय नौ हजार रुपये खर्च करने का प्रावधान है। खर्च ग्राम पंचायतें करेंगी। शौचालयों का सफाई कर्मचारी एवं केयर टेकर कम से कम दो बार सफाई करेगा। उसे छह हजार मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा साफ-सफाई के लिए झाडू, ब्रश, वाईपर, स्पंज, पोछा, बाल्टी, मग आदि के लिए छह माह में एक बार 1200 रुपये मिलेंगे। साबुन, वाशिंग, पाउडर, एयर फ्रेशनर, मास्क के लिए एक हजार प्रतिमाह और बिजली, पानी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर एक हजार रुपये प्रतिमाह अन्य 300 रुपये प्रतिमाह दिए जाने का नियम है। इसकी सुविधाएं होने के बावजूद भी जिले में कम ही शौचालय इस्तेमाल हो रहे हैं। बुधवार को डीएम जेपी सिंह एवं सीडीओ रवींद्र कुमार ने 50 से अधिक गांवों में सामुदायिक शौचालयों की जांच कराई, जिसमें 34 शौचालयों में ताला बंद पाए जाने के बाद कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार ने बताया कि जहां शौचालयों में ताला बंद मिला है, वहां के जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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