जनप्रतिनिधियों का प्रवेश बंद बैनर के नीचे प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
बरहज/करुअना। नगर क्षेत्र में एससीएसटी एक्ट के खिलाफ सवर्ण और पिछड़ा वर्ग के लोग मुखर हैं। सोनाड़ी गांव में मुख्य सड़क पर ग्रामीणों ने सभी पार्टियों के जनप्रतिनिधियों का गांव में प्रवेश पर पाबंदी का पोस्टर लगा दिया है। लोगाें के प्रदर्शन से सांसद को अपना कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। ग्रामीणों ने 2019 के चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
रविवार को सांसद कमलेश पासवान का सोनाड़ी गांव के पोखरा टोला स्थित सती स्थान पर कार्यक्रम निर्धारित था। लोगों का कहना है कि सरकार ने एससीएसटी पारित विधेयक के खिलाफ लोग लामबंद थे। पास बिल को लेकर नाराज लोग चित्तू सिंह के निर्माणाधीन मकान के समीप गांव के मुख्य सड़क पर बैनर-पोस्टर लगाकर नारेबाजी कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि देश के कानून व्यवस्था में पकड़ाये आतंकवादियों को जांच के बाद सजा देने का प्राविधान है। जबकि आजाद मुल्क में सवर्ण और पिछड़ा वर्ग के लोगों को बिना आरोप सिद्घ हुए सजा सुनिश्चित किया गया है। जिस पर विपक्ष की भी सहमति सामने आ रही है। सूचना पर डॉयल 100 भी मौके पर पहुंची लेकिन उसे लौटना पड़ा। इस दौरान राजेश्वर सिंह, अविनाश सिंह, हर्ष प्रताप सिंह, विशाल सिंह, अभय प्रताप सिंह, बनारसी जायसवाल, प्रेम विश्वकर्मा, रमायन यादव, राजेन्द्र यादव, प्रणव दूबे, प्रमोद सिंह आदि उपस्थित रहे।