ठंड में स्कूल से घर जाते स्कूली बच्चे।
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देवरिया। शुक्रवार को कड़ाके की ठंड के बाद शनिवार को दोपहर बाद अच्छी धूप खिली। लोगों ने भरपूर आनंद लिया, लेकिन शाम होते ही फिर गलन बढ़ गई। कोहरे का प्रकोप भी शुरू हो गया। 11 बजे तक कोहरा छाया रहा। बच्चों को कड़ाके की ठंड में ही स्कूल जाना पड़ा, मगर जब वे स्कूल से लौटे तो गुनगुनी धूप भी मिली।
ठंड का कहर करीब एक महीने से चल रहा है। सूर्यदेव बादलों के बीच अटखेलियां खेल रहे हैं। एक दिन दर्शन देने के बाद फिर बादलों में छिप जाते हैं। शुक्रवार को मामूली दर्शन के बाद सूर्यदेव बादलों में छिप गए थे। दिनभर लोग ठंड से कांपते रहे। शनिवार की सुबह भी कुछ ऐसा ही माहौल था। ओस के कारण सड़कें भीगी थी। 12 बजे तक लग रहा था कि आज भी सूर्यदेव दर्शन देने वाले नहीं हैं, लेकिन 12.30 बजे के बाद बादलों में लालिमा दिखी। इसके बाद लोगों को यह अहसास हो चला कि सूर्यदेव दर्शन देंगे और यही हुआ भी। 12.30 बजे के बाद हल्की धूप लेकर निकले सूर्यदेव का ओज धीरे-धीरे बढ़ता गया। चटख धूप के कारण लोगों के चेहरे खिल गए। धूप का आनंद लेने के लिए लोग लान और घरों की छत पर आ गए। वह तब तक बाहर बैठे रहे जब तक सूर्यदेव बादलों के बीच फिर छिप नहीं गए। हालांकि शाम होते ही गलन शुरू हो गई, लेकिन अन्य दिनों की तुलना में शनिवार की गलन थोड़ी कम थी।