देवरिया। कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय सिसई में आठ अध्यापकों की नियुक्ति और भुगतान के मामले का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। भुगतान पर रोक लगाते हुए एडी बेसिक गोरखपुर से 30 अक्टूबर तक जांच आख्या मांगा है। इसमें सभी अध्यापकों के नियुक्ति से संबंधित सभी प्रमाण-पत्रों की जांच करनी होगी।
इस विद्यालय की अध्यापक पूनम त्रिपाठी ने अपने वेतन के भुगतान के लिए हाईकोर्ट में उच्च न्यायालय में रिट याचिका संख्या 31709-17 दाखिल किया था। इसमें पूर्व के नियुक्त सहायक अध्यापक अजीत कुमार यादव और रमेश कुशवाहा की तरफ से इंपलीमेंट प्रार्थना-पत्र दाखिल किया गया। इसको न्यायालय ने स्वीकार करते हुए समस्त अध्यापकों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दिया। एक ही पत्रांक संख्या 13194 दिनांक 30 नवंबर 2002 से की गई दो नियुक्तियों से संबंधित समस्त प्रमाण-पत्रों की जांच एडी बेसिक गोरखपुर को दिया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि 30 अक्टूबर तक जांच रिपोर्ट न्यायालय में पेश कर दें। बताया जा रहा है कि पूर्व बीएसए मनोज कुमार मिश्र, वित्त एवं लेखाधिकारी मोहम्मद रईश और संबंधित लिपिक ने एक पत्रांक संख्या से अवैध नियुक्तियां की हैं। इन अध्यापकों को वेतन और एरियर के रूप में करीब पांच करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया है। सबसे अहम बात यह है कि दोनों पत्रांक संख्या में एक शिक्षक प्रकाश पांडेय का नाम कॉमन है। पूर्व बीएसए की ओर से इस तरह के कई और कारनामे किए गए हैं। पांच से छह विद्यालयों के भुगतान में भी इसी तरह का खेल किया गया है।
इनसेट में-
सलेमपुर की बजाय देवरिया में खोला गया खाता
देवरिया। विद्यालय का खाता संचालन पूर्वांचल ग्रामीण बैंक सलेमपुर से होता है, लेकिन इन अध्यापकों का भुगतान आनन-फानन में देवरिया के ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से किया गया है। जांच अधिकारी के लिए यह भी जांच का विषय है।