तरकुलवा। बिजली की समस्या से जूझ रहे लोगों को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने वाली है। तरकुलवा ब्लॉक के नारायनपुर गांव में 250 करोड़ की लागत से 132/33 केवीए क्षमता का बिजली वितरण उपकेंद्र स्थापित होगा।
इसके लिए बिजली निगम को भूमि स्थानांतरित हो चुकी है। बजट आवंटन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। संभावना यह है कि मई के अंतिम सप्ताह या जून में कभी भी मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ इसका शिलान्यास कर सकते हैं।
उपकेंद्र तरकुलवा, पथरदेवा, बघौचघाट, देसही देवरिया, पांडेयचक, इमीलिया के 33/11 उपकेंद्रों को कसया के 132 केवीए उपकेंद्र से बिजली सप्लाई होती है। दूरी और लोड अधिक होने से आए दिन किसी न किसी उपकेंद्र क्षेत्र की मेन सप्लाई बाधित रहती है।
इसके अलावा उपकेंद्रों को भरपूर बिजली नहीं मिलने से सप्लाई में भी पावर की कमी रहती है। इससे क्षेत्र के लोग लो-वोल्टज की समस्या से जूझते हैं।
इसे देखते हुए बिजली निगम ने तरकुलवा क्षेत्र में 132 केवीए का नया वितरण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव बनाया था। कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के प्रयास से ग्राम पंचायत नारायनपुर में 250 करोड़ की लागत से 132/33 केवीए पावर ग्रिड के निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी कर चुका है।
कृषि मंत्री ने बताया कि दो साल पहले ग्राम पंचायत ने इसके लिए करीब तीन एकड़ भूमि का प्रस्ताव किया था। जमीन का विवाद हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण यह परियोजना लटकी हुई थी। अब जमीन का स्थानांतरण बिजली निगम को किया जा चुका है।
बजट स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। चयनित भूमि के आसपास 33 हजार के कई बिजली खंभे व तार लगे हैं, जिसे वहां से हटाने का प्रस्ताव अवर अभियंता लवलेश सिंह ने विद्युत वितरण खंड देवरिया को भेज दिया है। धन स्वीकृत होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर इस पॉवर ग्रिड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।