सपा नेताओं ने जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा। अमर उजाला
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देवरिया। प्रदर्शन के दौरान डीएम आवास पर आलू फेंकने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस कार्रवाई के बाद सपा नेताओं में नाराजगी है। इस मुद्दे पर उन्होंने सोमवार को डीएम से मुलाकात की और आलू फेंकने को गलत बताते हुए केस वापस लेने की मांग की।
सपा नेताओं ने पार्टी मुखिया के निर्देश पर जिले के सभी तहसीलों में भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उस दिन प्रदर्शन के दौरान डीएम आवास पर जुलूस में शामिल नेताओं ने आलू फेंक दिया था। इस मामले में डीएम के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव समेत 16 कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज कर लिया। पुलिस कार्रवाई से सपाइयों में खलबली मच गई। सोमवार को रामपुर कारखाना की पूर्व विधायक गजाला लारी के नेतृत्व में सपा का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम सुजीत कुमार से मिला। डीएम को दिए पत्र में सपा नेताओं ने कहा है कि जुलूस में शामिल एक कार्यकर्ता टोकरी में आलू लिए हुए था। भीड़ अधिक होने के कारण डीएम आवास के पास आलू की टोकरी गिर गई थी। उन्होंने कहा है कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के लिए केस दर्ज किया है। इस दौरान जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव, हरिओम यादव, बाबूलाल यादव, इस्माइल अंसारी, अविनाश चौहान, अमन, बलवंत, संजीव, अंकित, देवेंद्र आदि मौजूद रहे।
पूर्व मंत्री ने ली जानकारी
- प्रदर्शन के दौरान डीएम कार्यालय पर आलू फेंकने के मामले में सपा छात्रसभा के नेताओं पर केसस दर्ज होने से सपाइयों में गुस्सा है। पूर्व मंत्री शाकिर अली ने सदर कोतवाल को फोन कर मुकदमे की धाराओं के बारे में जानकारी ली।