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सीबीआई टीम साथ ले गई खनन से जुड़े अभिलेख

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देवरिया। दस दिनों से जिले में जमी सीबीआई टीम शुक्रवार को वापस चली गई। बालू खनन की जांच के लिए लखनऊ से देवरिया पहुंची चार सदस्यीय सीबीआई टीम को खनन से जुड़े कई ऐसे अहम सुराग हाथ लगे हैं, जो खनन माफिया के साथ ही कई अफसरों और सफेदपोशों के लिए भी आफत बन का सबब बन सकते हैं। सूत्रों की मानें तो टीम ने खनन कारोबार से जुड़े करीब 100 लोगों के बंद कमरे में बयान दर्ज किए हैं। खनन से जुड़ी करीब दस साल की फाइलों को खंगालने के बाद कई महत्वपूर्ण दस्तावेज टीम साथ ले गई है। इससे अफसरों और ठेकेदारों की चिंता बढ़ गई है।
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जिले में छोटी गंडक नदी के सात घाटों सोंहुआ रामपुर, मझौलीराज, रूपई, नदावर, साहोपार, वीरसिंहपुर, मथुरा छापर, हेतिमपुर में बालू का खनन होता था। इसके लिए प्रशासन की ओर से पट्टा किया गया था, लेकिन सपा सरकार के कार्यकाल में तय स्थान से अलग हटकर बालू का खनन सफेदपोशों के दबाव में कराया गया। इससे पहले बसपा सरकार के समय की भी कई गड़बड़ियां पकड़ में आई हैं। बालू खनन की जांच के लिए 24 जुलाई को जिले में सीबीआई टीम पहुंची। खनन विभाग और राजस्व से जुड़े अभिलेखों से जानकारी लेने के बाद टीम ने रविवार को सभी बालू घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर रुकी टीम ने बालू खनन से जुड़े करीब 100 लोगों को बुलाकर अलग-अलग बयान दर्ज किए। इसमें कई ऐसे लोग पहुंचे थे, जिनके नाम पर सिर्फ कागज में ठेके थे। लेकिन खनन से जुड़ी कोई जानकारी उन्हें नहीं थी। उनके बयान दर्ज करने के बाद उनके नाम पर खनन कराने वालों को टीम ने बुलाकर पूछताछ की। इसमें कई सफेदपोश भी शामिल रहे। बृहस्पतिवार की रात करीब एक बजे तक खनन अधिकारी और विभागीय कर्मचारियों की टीम ने बयान दर्ज किए। इसके अलावा वर्ष-2008 से 2016 तक हुए खनन से जुड़ी फाइलों को खंगाला गया है। जिला खनन अधिकारी उमाशंकर ने बताया कि सीबीआई टीम कुछ जरूरी अभिलेख भी साथ ले गई है।

नहीं हुई थी ई-टेंडरिंग
सीबीआई की जांच में मालूम हुआ कि नियमानुसार ई-टेंडरिंग के जरिए बालू खनन का टेंडर होना था, लेकिन इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया है। खनन विभाग के अफसरों ने बताया कि शासन स्तर से ऐसा हुआ है। स्थानीय अफसरों से कुछ भी लेना-देना नहीं है।
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बसपा सरकार में हुए खनन की देखी फाइल
वर्ष-2008 में प्रदेश में बसपा की सरकार थी। उस समय पूर्व विधायक स्व. रामप्रसाद जायसवाल के जिम्मे खनन विभाग की जिम्मेदारी थी। सीबीआई टीम उस कार्यकाल में हुए बालू खनन की फाइलों को साथ ले गई है। इसके अलावा पूर्ववर्ती सपा सरकार के कार्यकाल में भी हुए खनन से जुड़े कई दस्तावेज टीम ले गई है।
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