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अब यूपी के बाहर भी निशुल्क सफर करेंगे दिव्यांग

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आसिफ इकबाल
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देवरिया। दिव्यांगजनों के लिए खुशखबरी है। परिवहन निगम की बस से पड़ाव स्थल तक निशुल्क सफर कर सकेंगे। अब तक केवल उत्तर प्रदेश की सीमा में किराए से छूट मिलती रही है। दूसरे प्रदेश की सीमा शुरू होने के बाद किराया अदा करना पड़ता था। इस फैसले से जिले के 73 हजार दिव्यांगजनों को लाभ मिलेगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ भी पीएम नरेंद्र मोदी की तर्ज पर दिव्यांगजनों पर मेहरबान हैं। अप्रैल-2017 से भरण-पोषण अनुदान 300 से बढ़ा कर 500 रुपये कर दिया है। इसी कड़ी में दिव्यांजनों की बहु प्रतीक्षित मांग को भी पूरा कर दिया है, जिसके तहत दिव्यांग अब उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बस से पड़ाव स्थल तक सफर तय कर सकेंगे। जिले से दिल्ली के अलावा बिहार के सीवान और छपरा तक बसें चलती हैं। अब तक प्रदेश की सीमा समाप्त होने के बाद दिव्यांगों को किराया देना पड़ता था। महकमे ने बस यात्रा सुविधा नियमावली 1998 में संशोधन किया है। इसके लिए आदेश भी जारी कर दिया है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जिले में 73 हजार दिव्यांगजन हैं, जिसमें 14658 दिव्यांगजनों को भरण-पोषण अनुदान मिलता है। स्वास्थ्य विभाग के सर्टिफिकेट के जरिए 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता पर किराए में छूट मिलती है। 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगजन को एक अटेंडेंट भी मिलता है। दिव्यांगजन निशुल्क बस से आते-जाते हैं, हालांकि यह छूट केवल सामान्य बसों में ही मिलेगी। इस बाबत जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अनूप सिंह ने बताया कि सरकार का फैसला दिव्यांगजनों के लिए लाभकारी है। अब प्रदेश के बाहर भी किराए में छूट मिलेगी। सफर तय करने में आर्थिक तंगी से निजात मिलेगी।
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ये हैं दिव्यांग
पहले आठ तरह की दिव्यांगता थी। अब दिव्यांगता 21 तरह की हो गई है। तेजाब हमले में घायल पीड़ित भी शामिल हुए हैं। उनके अलावा मानसिक रोगी, मानसिक मंदता, एयूटीआईएसएम, सेरेबेल पाल्सी, श्रवण बाधित, मूक बधिर, अल्प दृष्टि, दृष्टि बाधित, चलने में असमर्थ, बौनापन यानी वयस्क होने पर व्यक्ति का कद 147 सेंटीमीटर से कम हो, कुष्ठ रोगी, मल्टीपल डिसएबीलिटी आदि है।
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