बरियारपुर। थाना क्षेत्र के साहू टोला में 16 वर्षीय किशोरी की मौत के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना को 21 दिन बीत चुके हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण भी स्पष्ट हो चुका है।
इसके बावजूद पुलिस ने आज तक न तो मुकदमा दर्ज किया है और न ही किसी ठोस नतीजे पर पहुंच पाई है। इंसाफ की उम्मीद लगाए परिजन दर-दर भटकने को मजबूर हैं। बरियारपुर थाना क्षेत्र के वार्ड संख्या 12 स्थित साहू टोला निवासी महेंद्र चौहान की 16 वर्षीय बेटी नंदिनी 13 जनवरी की सुबह अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने दिनभर खोजबीन की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन 14 जनवरी की सुबह गांव के पास एक पेड़ से उसका शव लटका हुआ मिला।
घटना के बाद परिजनों ने हत्या कर शव को पेड़ से लटकाए जाने का आरोप लगाया था। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोरी की मौत हैंगिंग से होने की पुष्टि हुई लेकिन इसके बाद भी पुलिस की कार्रवाई कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस हर बार जांच का हवाला देकर मामले को टाल रही है। कभी मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकालने की बात कही जाती है तो कभी पूछताछ का आश्वासन दिया जाता है लेकिन न तो अब तक एफआईआर दर्ज की गई है और न ही किसी संदिग्ध से सख्ती से पूछताछ हुई है। इस मामले में क्षेत्राधिकारी सलेमपुर मनोज कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत की पुष्टि हुई है। मामले की जांच जारी है। संवाद