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दोपहर तक बंदी, फिर खुल गईं दुकानें

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शहर के मालवीय रोड पर प्रदर्शन करते कांग्रेसी। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। बढ़ती महंगाई, पेट्रोलियम पदार्थों की मूल्य वृद्धि के विरोध में विपक्ष के भारत बंद का जिले में मिला-जुला असर रहा। शहर के अधिकांश क्षेत्रों में सुबह 11 बजे तक दुकानें बंद रहीं, मगर इसके बाद धीरे-धीरे शटर उठने लगे। दिनभर लोग सामान्य रूप से आते-जाते रहे। पेट्रोल पंप खुले रहे, वाहनों का आवागमन सुचारु ढंग से होता रहा। राजनीतिक दलों के धरना-प्रदर्शन व आंदोलन से सियासी पारा हाई रहा। विभिन्न संगठनों ने जुलूस निकाल प्रदर्शन किए और सरकार का पुतला फूंका। केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार देते हुए मूल्यवृद्धि वापस लेने की मांग की। ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का कोई खास असर नहीं रहा।
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बंद को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह ही सड़कों पर उतर आए। जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह राकेश के नेतृत्व में कार्यकर्ता जुलूस के रूप में पार्टी कार्यालय से मालवीय रोड पहुंचे। यहां से दुकानें बंद कराते हुए बजाजी गली, मोहन रोड, स्टेशन रोड सहित अन्य क्षेत्रों में भी भ्रमण किया। सुबह का वक्त होने से ज्यादातर दुकानें बंद थीं, जो खुली भी, उन्हें कांग्रेसियों ने जबरन बंद करा दिया। दोपहर 12 बजे तक सभी दुकानें सामान्य दिनों की तरह ही खुल गई। इसके बाद पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार में पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार वृद्धि से जनता परेशान है। अब जनता इस सरकार से मुक्ति चाहती है। बाजार में पूर्णत: बंदी इसका प्रमाण है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की। विरोध-प्रदर्शन में शहर अध्यक्ष ऋषिकेश मिश्र, पूर्व जिलाध्यक्ष सुयश मणि त्रिपाठी, बिस्मिल्लाह लारी, रामजी गिरी, वरुण राय, दीनानाथ भारती, नागेंद्र शुक्ल, नौशाद खान, धर्मेंद्र सिंह, भरत मणि त्रिपाठी, शाकिर हुसैन, ऋषभ शुक्ला, संदेश यादव, डॉ. धर्मेंद्र पांडेय, सत्यप्रकाश मणि आदि शामिल रहे।
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