देवरिया। हर साल बरसात में सड़कों पर जलजमाव की समस्या से जूझते शहरवासियों की मुश्किलें इस बरसात में भी जस की तस रहेंगी। शहर के नाले-नालियां अब तक सिल्ट से पटे हैं और जिम्मेदारों को आमजन की दुश्वारियों की परवाह तक नहीं। अप्रैल में ही शुरू होने वाला सफाई का काम अब तक शुरू नहीं सका है। इसे देखते हुए लोग भी चिंतित हैं कि इस बार भी जलजमाव से उन्हें निजात नहीं मिलने वाली।
फोरलेन निर्माण के कारण कई नालों की संरचना भी बदल गई है। जगह-जगह नाले क्षतिग्रस्त भी हैं। न तो उनकी मरम्मत की जा रही है और न ही जलनिकासी के इंतजाम बेहतर बनाने के लिए पहल की जा रही है। नगर पालिका प्रशासन भी मानता है कि इस बार चुनौती बड़ी है, मगर सफाई का काम अभी जोर नहीं पकड़ सका है। लिहाजा, एक-एक दिन बीतने के साथ उन मोहल्लों के लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है, जिन्हें बारिश के बाद जलजमाव से जूझना पड़ता है।
25 वार्डों वाले नगर पालिका क्षेत्र में जलनिकासी के लिए 18 बड़े नाले हैं। घरों से निकलने वाला गंदा पानी छोटी-छोटी नालियों से होकर इन बड़े नालों में ही समाहित होता है और फिर कुर्ना नाला और गंडक नदी में गिरता है। हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई की योजना है। यह कार्य अप्रैल तक ही शुरू हो जाना चाहिए, ताकि बारिश से पहले सभी नाले-नालियों की सफाई पूरी हो जाए। इस बार मई का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी जिम्मेदार सुस्त हैं। शहर के सभी प्रमुख नाले तो जाम हैं ही छोटी नालियां भी सिल्ट से पटी पड़ी है। खुद कुर्ना नाला का ही हाल बुरा है। ऐसे में बारिश होने पर नगर पालिका प्रशासन की बेपरवाही का खामियाजा संबंधित मोहल्ले के लोगों और राहगीरों को भुगतना पड़ेगा।
ये हैं शहर के प्रमुख नाले
नगर पालिका के मुताबिक कुल 18 नाले शहरी सीमा में है। इनमें सिविल लाइंस, सीसी रोड, भीखमपुर रोड, खरजहवा, सोमनाथ इलाके के नाले मुख्य हैं। इन इलाकों में सड़क के दोनों पटरियों पर निर्मित बड़े नालों से अन्य मोहल्लों व कॉलोनियों की नालियां जुड़ी र्हुइं हैं।
जलभराव वाले इलाके
शहर का प्रमुख मोहल्ला राघवनगर, सिविल लाइंस, स्टेडियम रोड, ऑफिसर्स कॉलोनी, जलकल कांप्लेक्स, चकियवां मोहल्ला, लकड़हट्टा, सब्जी मंडी, गरुणपार आदि।
10 नालों की सफाई के लिए कराया गया है टेंडर
कुल 18 में से 10 प्रमुख नालों की सफाई के लिए टेंडर कराया गया है। वर्क ऑर्डर भी जारी हो गया है। युद्धस्तर पर काम होगा। अन्य नालों की सफाई वार्ड के सफाई नायक व टास्क फोर्स के माध्यम से कराई जाएगी। करीब 10 लाख रुपये खर्च का अनुमान है। फोरलेन निर्माण कर रही संस्था को यहां नाला भी बनाना है, मगर उनके स्तर पर अभी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जनता की सहूलियत के लिए नगर पालिका यहां भी सफाई कार्य कराएगी। - अलका सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष देवरिया।
हल्की बारिश में ही स्थिति विकट हो जाती है। घरों का गंदा पानी भी बारिश के साथ मिलकर सड़क पर जमा हो जाता है। इससे न सिर्फ आवागमन में दुश्वारी होती है, बल्कि घरों में रहना दूभर हो जाता है। समय रहते नालों की सफाई न कराई गई तो फिर से यह परेशानी झेलनी होगी। -संतोष जायसवाल, निवासी जलकल कांप्लेक्स।
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यह जलभराव वाला इलाका है। अक्सर पानी भर जाता है। दुकान में पानी न घुसे इसलिए बाहर डेढ़ फीट का घेरा भी बनवाया है। मगर जब बड़े वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं तो सड़क पर जमा पानी के छीटें दुकान में घुस जाते हैं। इससे कारोबार पर असर पड़ता है। -गुरदीप सिंह मनचंदा, कपड़ा कारोबारी, मालवीय रोड।