टीकमपार गांव में शहीद प्रेमसागर के प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्घांजलि सभा में मौजूद लोगा।
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भाटपाररानी। शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा। जी हां ये पंक्तियां क्षेत्र के टीकमपार निवासी शहीद प्रेम सागर पर सटीक बैठती है। गांव स्थित शहीद स्थल पर मंगलवार को शहीद प्रेमसागर की प्रथम पुण्यतिथि पर बीएसएफ में उनमें साथी रहे वेदपाल ने झंडारोहण किया। राष्ट्रगान के बाद शहीद की पत्नी ज्ञांती देवी, बेटे ईश्वरचंद और रणविजय ने शहीद की चित्र पर फूल चढ़ा श्रद्घांजलि दी। स्कूली बच्चों ने राष्ट्र भक्ति गीत गाकर शहीद को याद किया। इस दौरान सभाकुंवर, ग्राम प्रधान लाल मोहम्मद, सत्यदेव यादव, रामा यादव, मुन्ना सिंह, दिनेश सिंह, जमशेद आदि सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। गौरतलब है कि शहीद प्रेमसागर की प्रथम पुण्यतिथि पर प्रशासन का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। क्षेत्रीय सांसद और विधायक भी नहीं पहुंचे। स्थानीय विकास खंड के टीकमपार गांव निवासी प्रेमसागर देशसेवा का जज्बा लिए बीएसएफ में भर्ती हुए। एक मई-2017 की रात कश्मीर के कृष्णा घाटी में तैनात प्रेमसागर का सिर पाकिस्तानी सेना काट ले गई। अगले दिन जब प्रेमसागर का शव आया तो इलाका रो पड़ा और अंतिम दर्शन करने के लिए जिले भर से लोग आए। शासन के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने पीड़ित परिवार को प्रदेश सरकार की मदद का चेक सौंपा। जिसे परिवार वालों ने लेने से इंकार कर दिया था। सीएम ने शहीद परिवार से बात कर ढांढस बंधाया और तेरहवीं से पूर्व पहुंचने का वादा किया। 12 मई 2017 को वादे के मुताबिक पहुंचे सीएम योगी ने परिवारजनों को मदद का चेक सौंपा और अन्य सरकारी मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा था कि शहीद के दाहस्थल को दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। भाटपाररानी से प्रतापपुर जाने वाली सड़क का नाम शहीद के नाम पर होगा। गांव में शहीद के नाम पर कन्या इंटर कॉलेज की स्थापना होगी।
कार्यक्रम में नहीं पहुंचे अधिकारी
शहीद प्रेमसागर के गांव टीकमपार में शहीद के प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में प्रशासन से जुड़े किसी जिम्मेदार के नहीं पहुंचने से शहीद का परिवार और ग्रामीण निराश दिखे। शहीद के बड़े पुत्र ईश्वरचंद ने बताया कि जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान को निमंत्रण दिया गया था लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई तो अधीनस्थ कर्मचारियों को निमंत्रण दिया गया।