देवरिया। रोडवेज की बस चोरी के मामले में कार्रवाई की जद में आए कंडक्टर और चालक को बहाल कर दिया गया। संविदा कर्मियों का उग्र आंदोलन की चेतावनी को देखते हुए विभागीय अफसर बैकफुट पर आ गए।
एक माह पूर्व कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही के गांव पकहां से देवरिया रोडवेज की बस चोरी हो गई। सुबह बघौचघाट पुलिस ने बस को कुशीनगर से बरामद कर लिया। लेकिन इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। विभागीय जांच में एएआरएम ने बस कंडक्टर आलोक यादव और चालक राजेश सिंह को नौकरी से हटा दिया गया। इसकी जानकारी जब रोडवेज के संविदा कर्मियों को हुई तो तीन जनवरी को वह बसों का संचालन रोककर प्रदर्शन करने लगे थे। संविदा कर्मियों पर हुई कार्रवाई को गलत बताते हुए बहाल करने की मांग की थी। ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी। मामला बढ़ता देख एआरएम ने इसकी जानकारी आरएम गोरखपुर को दी। इसके बाद चालक और कंडक्टर को बहाल किया गया। इस बाबत एआरएम आरके उपाध्याय ने बताया कि संगठन के विरोध के चलते दोनों संविदा कर्मियों को बहाल किया गया है।