देवरिया। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शनिवार को जिले के सपा कार्यकर्ताओं ने तहसील में धरना-प्रदर्शन किया। इससे पूर्व पार्टी कार्यालय से निकले कार्यकर्ताओं ने डीएम आवास पर कुछ आलू फेंका। केंद्र और प्रदेश सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया गया। अंत में राज्यपाल को संबोधित 10 सूत्री मांगपत्र एमडीएम को दिया गया।
धरना को संबोधित करते हुए राज्यसभा की पूर्व सदस्य कनकलता सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार जनता के कार्य नहीं कर रही है। लोग महंगाई की मार झेल रहे हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार के सभी वादे कोरे साबित हो रहे हैं। एमएलसी रामसुंदर दास ने कहा कि प्रदेश का विकास अवरुद्ध है, किसान परेशान हैं। पूर्व मंत्री शाकिर अली ने कहा कि सपा सरकार में जितने विकास कार्य हुए हैं, उसे करा पाना इस सरकार के लिए संभव नहीं है। पूर्व विधायक गजाला लारी ने कहा कि प्रदेश में बिजली, पानी का संकट है। आम जनता की समस्या से सरकार को कुछ लेना-देना नहीं है।
जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव ने कहा कि सपा कार्यकर्ता संघर्ष करना जानते हैं। जनता की समस्या को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष किया जाएगा। पूर्व जिला उपाध्यक्ष रामप्रकाश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अपने एक भी वादे पर खरा नहीं उतर रही है। व्यास यादव ने कहा कि सरकार ने 15 लाख रुपये जन-धन खाते में भेजने को कहा था, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ हुआ नहीं है। सभा को पूर्व जिलाध्यक्ष गेंदालाल यादव, नीलेश जायसवाल, डॉ. गुंजन यादव, धर्मवीर गुप्ता, दिव्यांश पति त्रिपाठी, सोनी गुप्ता, शोभा यादव समेत तमाम नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान छेदीलाल यादव, इस्माइल अंसारी, हृदयनारायण जायसवाल, मुकुल सिंह, विजय रावत, मकसूद खान, हरिओम तिवारी, मनोज यादव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नित्यानंद पांडेय ने किया। धरना प्रदर्शन की समाप्ति पर सपा कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित 10 सूत्री ज्ञापन एसडीएम सदर को दिया। समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
गुटों में पहुंचे सपा कार्यकर्ता
सपा मुखिया अखिलेश यादव पर शनिवार को एक साथ सभी तहसीलों पर प्रदर्शन का कार्यक्रम था। जिले के सपा कार्यकर्ताओं में एकजुटता का अभाव देखने को मिला। जिलाध्यक्ष रामइकबाल यादव पार्टी कार्यालय से समर्थकों के साथ निकले। पूर्व जिला उपाध्यक्ष रामप्रकाश यादव, दिव्यांश पति त्रिपाठी, खुर्शीद आलम अंसारी आदि सुभाष चौक से निकले थे। वहीं, कुछ नेता अपने कुछ लोगों के साथ सीधे तहसील पहुंच गए। उम्मीद के हिसाब से सपा नेता भीड़ एकत्र नहीं कर पाए थे।