देवरिया। नगर पालिका परिषद बोर्ड की मंगलवार को हुई पहली ही बैठक हंगामेदार रही। बैठक में सदस्यों ने सिर्फ कागजों पर अलाव जलाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इन सबके बावजूद अवर अभियंता कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए, जिससे मामला काफी बिगड़ गया। अंत में अध्यक्ष अलका सिंह ने सदस्यों की बातों का ध्यान रखने का आश्वासन देकर मामले को संभाला।
नगर निकाय चुनाव के बाद मंगलवार को निर्वाचित सदस्यों की पहली बैठक पालिका के पं. दीनदयाल सभागार में बुलाई गई थी। पहले सदस्यों से परिचय का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद सदस्य अलाव के मुद्दे पर अध्यक्ष अलका सिंह से सवाल पूछने लगे। करीब आधे घंटे तक इस मुद्दे पर बहस होती है। सदस्यों ने आरोप लगाए कि शहर के हर वार्ड में अलाव के लिए दो प्वाइंट बनाए गए हैं, लेकिन लकड़ियां नहीं पहुंच रही हैं। सदस्यों ने पालिका प्रशासन से पूछा कि कितने स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है और अब तक कितनी लकड़ी खरीदी गई है।
सदस्यों के सवालों का जवाब देने में अवर अभियंता बगले झांकने लगे। मामला गरमाता देख अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने आगे से सदस्यों की बातों का ध्यान रखने का आश्वासन देकर मामले को संभालने का प्रयास किया। इसके बाद अवर अभियंता ने बताया कि 10 रुपये 25 पैसे किलो के हिसाब से लकड़ी खरीदी जा रही है। उन्होंने अलाव के कई ऐसे प्वाइंट बताए जो वीआईपी लोगों के घरों के सामने हैं। इस पर सदस्यों ने आपत्ति जताई और कहा कि अलाव की ज्यादा जरूरत गरीबों को है, अमीरों को नहीं।
वार्ड-18 के सदस्य अजय गुप्ता ने कहा कि अलाव कहीं नहीं जल रहे हैं। बोर्ड प्रशासन सिर्फ कागजों पर अलाव जला रहा है। अजय के समर्थन में कई अन्य सदस्य भी सदन में खड़े हो गए और हंगामा करने लगे। वार्ड-पांच के सदस्य गोविंद चौरसिया ने कहा कि सदन बताए कि शहर में कहां-कहां रैन बसेरे बनाए गए हैं। इस पर अध्यक्ष ने कहा कि रामेश्वर राम तिराहे पर दो और रेलवे स्टेशन पर एक अस्थाई रैन बसेरा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि रैन बसेरे के पास जलौनी लकड़ी के इंतजाम किए गए हैं।
वार्ड-छह के सदस्य दिनेश शुक्ला ने सदन से पूछा कि किस फर्म को अलाव की लकड़ी सप्लाई का ठेका दिया गया है। इस पर अधिशासी अभियंता ने बालाजी फर्म का नाम लिया। इसके मालिक अरविंद सिंह हैं। अब तक खरीदी जा चुकी लकड़ी के बारे में पूछने पर अधिकारियों ने गोलमोल जवाब दिया। इस पर सदस्यों ने नाराजगी जताई। कहां-कहां अलाव जल रहे हैं, इसके जवाब में अवर अभियंता ने डीएम, सीडीओ तक के आवास का नाम गिना दिया। इस पर सदस्यों ने कहा कि गरीबों को अलाव नसीब नहीं है और अधिकारियों के यहां अलाव जलाए जा रहे हैं। अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें भी अलाव को लेकर शिकायत मिली है। आगे से अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि निर्धारित प्वाइंट पर ही लकड़ी गिराई जाए, अन्यथा कार्रवाई होगी।
सहमी-सहमी नजर आईं महिला सदस्य
नगर पालिका परिषद बोर्ड की पहली बैठक में महिला सदस्य सहमी-सहमी नजर आईं। परिचय के दौरान कई महिला सदस्य घबरा गईं। सबसे पहले बारी वार्ड-एक की सदस्य इसरावती देवी की आई। पहले तो माइक ले ही नहीं रही थीं। बाद में नाम बताते वक्त घबरा गईं। अन्य सदस्यों ने हौसला आफजाई की। कुछ महिला सदस्यों के पति भी दर्शक दीर्घा में मौजूद थे। बांस देवरिया की सदस्य हुस्न आरा खातून भी नाम बताकर चुपचाप बैठ गईं।
सदस्यों की मदद से वार्डों में बंटेगा कंबल
सदन की बैठक में निर्णय लिया गया कि वार्डों में कंबल वितरण में संबंधित सदस्य की मदद ली जाएगी। उनसे पात्रों की सूची मांग कर कंबल वितरण कराया जाएगा। पालिका बोर्ड की बैठक का एक बिंदू यह भी था। सदस्यों ने बैठक में मुद्दा उठाया कि उन्हें जनता ने चुना है। इसलिए वार्ड के लोगों की ढेरों अपेक्षाएं हैं। कंबल वितरण में उनकी भी सहभागिता होनी चाहिए। सदन ने इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया।
एक घंटे देर से शुरू हुई बैठक, आपत्ति दर्ज
नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक 11 बजे से निर्धारित थी, लेकिन बैठक 12 बजे शुरू हुई। इस पर वार्ड-छह के सदस्य दिनेश शर्मा ने आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि जब आगाज ही सही नहीं है तो अंजाम क्या होगा। उन्होंने कहा कि तय समय पर बोर्ड की बैठक होनी चाहिए। अध्यक्ष अलका सिंह ने कहा कि ठंड के कारण बैठक देर से शुरू हुई है। आगे से इसका ध्यान रखा जाएगा।
पहली बैठक में नहीं आए दो सदस्य
पालिका बोर्ड की पहली बैठक में दो सदस्य नहीं आए। वार्ड-24 के सदस्य अनूप पांडेय की पत्नी अस्पताल में भर्ती हैं। इसलिए वह बैठक में नहीं आ सके। एक महिला सदस्य के पति बैठक में मौजूद थे। लिहाजा उन्हें भी गैरहाजिर मान लिया गया।
सभागार का किराया तय
नगर पालिका परिसर में बने पं. दीनदयाल सभागार भवन को किराए पर देने के लिए किराया भी बैठक में तय हुआ। 11 हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से किराये का प्रस्ताव रखा गया। सदस्यों ने इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया।
पाइप लाइन उखाड़े का मामला उठाया
वार्ड-23 के सदस्य सेराज अहमद ने फोरलेन निर्माण के लिए पेयजल आपूर्ति को बिछाई गई पाइप लाइन उखाड़ने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पाइप लाइन उखाड़े जाने से गोरखपुर ओवरब्रिज के आसपास के मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। अध्यक्ष ने कहा कि इसे सही करा दिया जाएगा।