रोडवेज संविदा परिचालको ने रोडवेज परिसर में प्रदर्शन कर विरोध जताया।
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देवरिया। लापरवाह चालक और कंडक्टर को बर्खास्त करने से नाराज संविदा कर्मियों ने बस संचालन ठप कर दिया। कार्रवाई के जद में आए साथियों की बहाली की मांग को लेकर रोडवेज कैंपस में प्रदर्शन किया। एआरएम से वार्ता के बाद बसों का संचालन शुरू हुआ। इसकी वजह से ठंड में यात्रियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी।
कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही के गांव से रात को रोडवेज की बस कुछ दिन पूर्व चोरी चली गई। दूसरे दिन सुबह कुशीनगर से पुलिस ने बस को बरामद कर लिया। विभागीय जांच में बस पर तैनात संविदा पर तैनात कंडक्टर आलोक यादव और चालक राजेश सिंह की लापरवाही सामने आई। एआरएम ने दोनों को नौकरी से मंगलवार की शाम को बर्खास्त कर दिया। इसकी जानकारी बुधवार को संविदाकर्मियों को हुई तो वे उग्र हो गए और सुबह आठ बजे रोडवेज बसों का संचालन ठप कर दिया। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। मामला बढ़ता देख 11 बजे एआरएम पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बात कर बर्खास्त संविदाकर्मियों को बहाली का आश्वासन दिया। इसके बाद चालक और कंडक्टरों का गुस्सा शांत हुआ। संगठन के अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि बसों की रखवाली के लिए चौकीदारों से निगरानी कराने की जिम्मेदारी है। लेकिन रामभरोसे बसों को छोड़ दिया जाता है। अपने बचाव में अफसर वर्कर और कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हैं। इस दौरान राकेश साहनी, धीरेंद्र यादव, शशिकांत, आशुतोष उपाध्याय, गणेश दुबे, अश्वनी दुबे, ज्ञानेंद्र यादव और दिनेश यादव आदि मौजूद रहे।
प्राइवेट बसों से सफर करना पड़ा
रोडवेज बस के संविदा कर्मियों के हड़ताल पर जाने से चार घंटे तक लोग परेशान रहे। लेकिन प्राइवेट बस संचालकों की चांदी रही। गोरखपुर, देवरिया, भाटपाररानी, बलिया, रुद्रपुर, सलेमपुर, बेल्थरा जाने के लिए लोगों को प्राइवेट बसों से सफर करना पड़ा।