वकीलो ने सदर तहसील में धरना दिया।
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देवरिया। एसपी के तबादले की मांग पर वकील अडिग हैं, एसपी भी झुकने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में वकीलों का आंदोलन तूल पकड़ता जा रहा है। दो जनवरी के बाद मामला और गरमा सकता है। एक सप्ताह से अधिक समय से वकील एसपी के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। दोनों तरफ से तनातनी है। मामले ने तूल तब और पकड़ लिया जब अधिवक्ता नर्वदा चौहान के बेटे सत्यम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उनके घर पहुंच गई। बेटे के नहीं मिलने पर पुलिस ने नर्वदा चौहान की पिटाई कर दी। उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इससे अधिवक्ताओं में आक्रोश पनप गया है।
वकीलों और एसपी के बीच मामला संपूर्ण समाधान दिवस के दिन बिगड़ा था। सदर तहसील के वकील डीएम सुजीत कुमार से मिलने गए थे। वकीलों का कहना है कि वह साथी वकील कन्हैया मिश्रा की जमीन से कब्जा हटवाने की मांग कर रहे थे। बीच में एसपी बीच में बेवजह कूद पड़े। वकीलों के साथ तल्ख स्वर में बात की। तभी से वकीलों का आंदोलन चल रहा है। तहसील के वकील न्यायिक कार्य से भी विरत हैं। शुक्रवार का तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता के नेतृत्व में वकीलों ने प्रदर्शन किया। वकीलों ने धरना-प्रदर्शन का भाजपा के जिला उपाध्यक्ष जयनाथ कुशवाहा, हियुवा नेता अरुण सिंह और सपा नेता धर्मवीर गुप्ता के समर्थन करने पर धन्यवाद दिया गया। इन नेताओं से वकीलों के मंच पर आने की अपील की गई। भारत भूषण गुप्ता ने कहा कि जब तक डीएम सुजीत कुमार बार एसोसिएशन का पत्र भेजकर वार्ता कर समस्याओं का समाधान नहीं कर देते यह आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान सुरेंद्र पति त्रिपाठी, अवधेश सिंह, संजय सिंह, राजेंद्र लाल श्रीवास्तव, साकेत मणि, आशुतोष मणि, सुनील चौहान, राकेश मल्ल, नीलकंठ तिवारी आदि मौजूद रहे।