मझौलीराज/सलेमपुर। नलकूप का ट्रांसफार्मर में तार जोड़ रहा लाइनमैन करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। दुर्घटना के बाद सब स्टेशन छोड़ कर्मचारी भाग निकले। नाराज लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग की और जबरन शव कब्जे में ले ली। भाटपाररानी के एसडीएम के आश्वासन पर घरवाले शांत हुए।
मझौलीराज के बाबू बहोरन सिंह टोला निवासी उमेश चौहान सब स्टेशन पर प्राइवेट लाइनमैन था। मझौलीराज सब स्टेशन से शट डाउन लेकर शुक्रवार को दिन में करीब 11 बजे बनकटा मिश्र गांव स्थित सरकारी नलकूप पर लगे ट्रांसफार्मर का तार जोड़ने गया था। अचानक बिजली आ गई और वह पोल से नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। घरवालों का आरोप है कि जो लोग ट्रांसफार्मर ठीक कराने के लिए ले गए थे, हादसे के बाद भाग गए। एक घंटे तक लाइनमैन तड़पता रहा। समय से इलाज मिला होता तो शायद जान बच जाती। खबर मिलते ही लोग उग्र हो गए और सड़क पर शव रख भाटपाररानी-सलेमपुर मार्ग जाम कर दिया। दो से तीन बजे तक सड़क पर आवागमन ठप रहा। कई थाने की पुलिस पहुंची। भाटपाररानी के एसडीएम ने नाराज लोगों से वार्ता करने के बाद जाम खत्म कराया। जेई ने बताया कि वह उनके लाइनमैन नहीं था, मैं अभी बाहर हूं। गौरतलब है कि एक साल पूर्व उमेश चौहान की शादी लार नगर के धवरिया वार्ड की गुड़िया के साथ हुई थी। लाइनमैन घर का अकेला कमाऊ सदस्य था। मौत के बाद घरवालों के सामने दो जून की रोटी का संकट गहरा गया है। तीनों बहनों का रो-रो कर बुरा हाल गया है।
कई लाइनमैनों की जा चुकी है जान
सब स्टेशनों पर मौजूद प्राइवेट वर्करों की लापरवाही के चलते सलेमपुर, लार, भटनी और खुखुंदू सब स्टेशन पर कई प्राइवेट लाइनमैनों की जान जा चुकी है। बिजली विभाग के अफसर लाइनमैनों की मजबूरियों का फायदा उठाकर काम कराते हैं। हादसे के बाद वही अफसर मुंह मोड़ लेते हैं। इसके बाद उनके परिवार को रोटी के लिए तरसना पड़ता है।