- तेज बुखार से पीड़ित चार मरीजों को मेडिकल कॉलेज किया गया रेफर
- लोगों में चर्चा, तेज गर्मी व धूप के चलते आए दिन मरीज हो रहे भर्ती
- लोगों की मानें तो गर्मी से अधेड़ व महिला की गई है जान
- प्रशासनिक पुष्टि नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
लार। बृहस्पतिवार की शाम आठ बजे के करीब बाजार करने आया एक व्यक्ति गश खाकर गिर गया। मौजूद लोग सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, अचानक तेज बुखार से पीड़ित बुजुर्ग महिला की अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई। तेज बुखार से पीड़ित चार अन्य की हालत गंभीर देख डाॅक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
इधर, शुक्रवार को अस्पताल में बुखार, सांस, बीपी से पीड़ित मरीज इलाज कराने पहुंचे। डाॅॅक्टर ने दवा के साथ आराम और अधिक पानी पीने की सलाह दी। अचानक एक अधेड़ व एक महिला की मौत की सूचना के बाद लार कस्बा सहित क्षेत्र में खलबली मच गई। लोगों की मानें तो जिले में उमस भरी गर्मी का प्रकोप जारी है। तापमान कम होने की जगह दिन-प्रतिदिन रिकाॅर्ड दर्ज करा रहा है। लोगों की मानें तो उमस भरी गर्मी के चलते ही इन दोनों की मौत हुई है। हालांकि, प्रशासनिक पुष्टि नहीं हुई है। दो मौत और चार लोगों के बीमार होने की सूचना के बाद प्रशासनिक महकमे में अंदरूनी हलचल देखने को मिली। कोई कुछ बोल नहीं रहा है।
लार नगर के पश्चिम बाग निवासी 55 वर्षीय आसिफ लारी शाम को रोज की तरह बाजार में घूमने निकले थे। तभी अचानक बेंच पर बैठे तो गश खाकर गिर गए। इसकी सूचना तत्काल लोगों ने पुलिस को फोन कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस व अन्य लोगों के सहयोग से सीएचसी पहुंचाया गया। डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, वह शुगर-बीपी की बीमारी से पीड़ित थे।
वहीं, लार थाना क्षेत्र के बिरनी निवासी सोना देवी (80) को अचानक तेज बुखार, बदन दर्द शाम पांच बजे के करीब हुआ। परिवार के लोग एम्बुलेंस की मदद से लेकर सीएचसी पहुंचे। डाॅक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
हरखौली के रमाकांत (77) तेज बुखार बभनौली पांडेय के रामधन प्रसाद 82 वर्ष तेज बुखार बीपी बढ़ने व अरविंद नाथ तिवारी (70) उकीना को बुखार व सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। डाॅक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इधर, शुक्रवार को ओपीडी में पहुंचे दो सौ से अधिक मरीजों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद डॉ. शशि कपूर, डॉ. डीएन दूबे, चीफ फार्मासिस्ट विष्णु प्रसाद ने इलाज किया। डाॅक्टर के मुताबिक, सबसे अधिक मरीज बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द के रहे। उपचार के बाद आराम करने ओआरएस का घोल अधिक मात्रा में पानी पीने व धूप में नहीं निकलने की सलाह दी गई।