दो चीफ इंजीनियर्स की टीम जेई, एसई प्रकरण की करेगी जांच
विद्युत पॉवर कार्पोरेशन वाराणसी के एमडी ने दिया आदेश
आंदोलित जेई से अफसरों ने किया संपर्क, किसी की एक नहीं सुनी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बिजली निगम प्रवर्तन दल के अवर अभियंता और एसई के बीच हुए विवाद की जांच दो चीफ इंजीनियर्स की टीम करेगी। पॉवर कार्पोरेशन वाराणसी के एमडी के. बालाजी ने जांच का आदेश दिया है। वहीं, आंदोलित जूनियर इंजीनियर्स एसई पर कार्रवाई को लेकर जिद पर अड़े हैं।
बिजली निगम प्रवर्तन दल के अवर अभियंता आनंद यादव से एसई सतगुरु श्रीवास्तव ने 50 हजार रुपये तीन दिन पूर्व मांगा था। विरोध करने पर एसई ने जेई के साथ कार्यालय में अभद्रता की। नाराज जेई ने कोतवाली पुलिस को घटना की तहरीर दी। इसके बाद जूनियर इंजीनियर संघ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलित हो गया। उच्चाधिकारी मामले को दबाने में जुट गए। लेकिन आंदोलनकारियों के तेवर देखकर पॉवर कार्पोरेशन गोरखपुर के चीफ इंजीनियर संघ के अध्यक्ष अमित प्रताप सिंह संपर्क कर मामले को शांत कराने में जुटे हैं, लेकिन जेई किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हैं। जूनियर इंजीनियर्स का आरोप है कि देवरिया में जबसे एसई की तैनाती हुई है, तब से कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। विभाग की ऊंची पहुंच होने के कारण इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। एमडी के बालाजी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है। पॉवर कार्पोरेशन गोरखपुर के चीफ इंजीनियर देवेंद्र सिंह ने बताया कि जांच टीम में विद्युत पॉवर कार्पोरेशन वाराणसी के दो चीफ इंजीनियर शामिल हैं। वहीं, आंदोलित अवर अभियंताओं को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।