कलेक्ट्रेट सभागार में अधिवक्ता के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करते डीएम सुजीत कुमार
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। वकीलों की जिद के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। डीएम सुजीत कुमार ने वकीलों पर दर्ज केस वापस लेने का आश्वासन दिया है। साथ ही वकील कन्हैया मिश्र की जमीन से कब्जा हटवाने की बात भी कही। इसके बाद वकीलों ने काम पर लौटने का फैसला लिया। यह जानकारी जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विद्यासागर मिश्र ने दी।
19 दिसंबर को संपूर्ण समाधान दिवस के दिन सदर तहसील के अधिवक्ता साथी कन्हैया मिश्र की जमीन पर हुए कब्जे को मुक्त कराने की मांग करने गए थे। इसी दौरान एसपी राकेश शंकर बीच में बोल पड़े। वकीलों का आरोप है कि एसपी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था। इसके बाद अधिवक्ता आंदोलित हो गए थे। उसी दिन से एसपी के खिलाफ चल रहा धरना-प्रदर्शन का दौर शुक्रवार को भी जारी रहा। वकीलों के गुस्से को देखते हुए डीएम सुजीत कुमार ने वार्ता की पहल की। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विद्यासागर मिश्र ने बताया कि डीएम और एडीएम प्रशासन की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। डीएम ने आश्वस्त किया है कि सदर तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नर्वदा चौहान और कन्हैया मिश्र के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस ले लिए जाएंगे। कन्हैया मिश्र की जमीन से कब्जा भी हटवा दिया जाएगा। विद्यासागर ने बताया कि इस आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में पूर्व अध्यक्ष लल्लन मिश्र, शेषनाथ तिवारी, श्रीराम तिवारी, राधाकृष्ण शुक्ल, अरविंद पांडेय, तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण गुप्त, कन्हैया मिश्र, विनोद मणि आदि मौजूद रहे।
इनसेट में-
जिले भर में फैल गई थी आंदोलन की चिंगारी
देवरिया। सदर तहसील बार के वकीलों के आंदोलन की चिंगारी जिले भर में फैल गई थी। धरना-प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया था। न्यायिक कार्य से विरत रहकर वकील एसपी के तबादले की मांग कर रहे थे। शुक्रवार को भी वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे।
इनसेट में-
सोमवार को बिगड़ सकता था मामला
देवरिया। प्रशासन की बेरुखी से नाराज वकीलों ने सोमवार से उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सिंहासन गिरी ने तो न्यायालय परिसर में पुलिस को घुसने न देने की चेतावनी दी थी।