देवरिया। गैंगस्टर के एक मामले में गलत तरीके से आरोपी बनाने को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए इस मामले में कोर्ट ने डीएम, एसपी समेत गैंग चार्ट तैयार करने वाले सभी अफसरों को 12 मार्च को तलब किया है। इस आदेश के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में खलबली है।
सदर कोतवाली में गैंगस्टर में निरुद्ध किए गए भीखमपुर रोड निवासी भैरव जायसवाल ने हाईकोर्ट में मिसलेनियस रिट पेटीशन दाखिल की थी। इसमें उनके अधिवक्ता देवरिया निवासी नीतेश श्रीवास्तव ने कहा कि जिस मुकदमे के आधार पर पुलिस ने भैरव के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की है, उसमें विवेचना में उस पर कोई आरोप नहीं पाया गया। न्यायालय में भेजे गए आरोप-पत्र में उसका नाम भी नहीं है। बावजूद पुलिस परेशान कर रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने एक फरवरी को विवेचक को कड़ी फटकार लगाई और 21 फरवरी को गैंगस्टर चार्ट पर हस्ताक्षर करने वाले समस्त अधिकारियों को उपस्थित होने का आदेश दिया था। न्यायालय में सरकारी अधिवक्ता ने डीएम-एसपी ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए विजय मौर्य के मामले में व्यस्त होने की दलील दी। इस पर हाईकोर्ट ने उन्हें अब 12 मार्च को सुबह 10 बजे कोर्ट संख्या 46 में उपस्थित होने का आदेश दिया है। इस बाबत डीएम अमित किशोर ने बताया कि मामले का संज्ञान लेकर समुचित कार्रवाई की जाएगी।